देश के बैंकिंग सेक्टर में एक नया इतिहास बनने जा रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के साथ सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) की इंटरऑपरेबिलिटी की योजना बनाई है।

डिजिटल करेंसी और यूपीआई: नया सिस्टम

रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर ने मनीकंट्रोल स्टार्टअप कॉन्क्लेव में कहा कि लगभग 9 बैंकों ने पहले ही यह प्रणाली लागू कर दी है और अन्य 3-4 बैंक इसे आजमा रहे हैं। शंकर ने बताया कि RBI इसे शुरू करने में विशेष रुचि रखता है, क्योंकि यह दूसरे पेमेंट इंस्ट्रूमेंट के विपरीत, यह पैसा है और यह पूरी तरह से अलग है।

CBDC की उत्पत्ति

रिजर्व बैंक ने पिछले साल सीबीडीसी या डिजिटल रुपया के इस्तेमाल को लेकर पायलट परीक्षण किया था। इसका उद्देश्य था कि थोक इस्तेमाल का परीक्षण किया जा सके और बाद में रिटेल उपयोग को भी परखा जा सके।

डिजिटल रुपया: एक नया आयाम

डिजिटल रुपया, नोट और सिक्कों का डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक रूप है। यह ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसके आने से अब आपको नोट या सिक्के रखने की जरूरत नहीं होगी। ट्रांजैक्शन के लिए आप इस ई रुपये का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह ट्रांजैक्शन आपको डिजिटली करना होगा।

Lov Singh

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