भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर ने बुधवार को बताया कि केंद्रीय बैंक का लक्ष्य वर्ष 2023 के अंत तक ई-रुपये के लेन-देन को 10 लाख प्रतिदिन करने का है। वर्तमान में, ई-रुपये के लेन-देन की संख्या 5,000 से 10,000 प्रतिदिन है।

सीबीडीसी का वास्तविकता में परिवर्तन

डिप्टी गवर्नर ने यह बताया कि जून, 2023 की मौद्रिक नीति समीक्षा में घोषित यूपीआई प्रणाली के साथ सीबीडीसी का अंतर-परिचालन जुलाई के अंत तक वास्तविकता बन जाएगा।

नवंबर 2022 से सीबीडीसी का पायलट परीक्षण

आरबीआई ने नवंबर, 2022 में थोक सीबीडीसी का पायलट परीक्षण शुरू किया था और दिसंबर में खुदरा इस्तेमाल का पायलट परीक्षण किया गया था। पायलट परीक्षण में बैंकों की संख्या आठ से बढ़कर अब 13 हो गई है।

यूपीआई के तहत लेनदेन

डिप्टी गवर्नर ने बताया कि वर्तमान में यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के तहत 31 करोड़ लेनदेन होते हैं।

सीबीडीसी उपयोगकर्ताओं की संख्या

इस समय सभी प्रयास सीबीडीसी के उपयोगकर्ता अधिक से अधिक करने पर केंद्रित हैं। अप्रैल के अंत में यह संख्या सिर्फ एक लाख थी जो अब बढ़कर 13 लाख हो चुकी है।

सारांश विवरण
लक्ष्य साल 2023
लेनदेन की संख्या 10 लाख प्रतिदिन
पायलट परीक्षण नवम्बर, 2022 में शुरू हुआ
सीबीडीसी उपयोगकर्ताओं की संख्या 13 लाख
यूपीआई लेनदेन 31 करोड़ प्रतिदिन