अगर आप NRI हैं और अपने पैसे भारत में जमा करना चाहते हैं, तो यह आपके लिए बड़ी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए नियमों के बाद अब बैंकों के बीच NRI डिपॉजिट खींचने की होड़ लग गई है। कई छोटे बैंक अब अमेरिकी डॉलर (USD) जमा पर 7% से ज़्यादा ब्याज देने लगे हैं।

RBI ने क्या बदलाव किए

Reserve Bank of India (RBI) ने अमेरिकी डॉलर के प्रवाह को बढ़ाने के लिए कुछ खास छूट दी है। इसके तहत बैंकों को नए FCNR(B) डिपॉजिट पर CRR और SLR की जरूरतों से छूट मिली है। साथ ही, RBI अब इन जमा राशियों पर हेजिंग लागत (hedging cost) का बोझ भी खुद उठाएगा, जिससे बैंकों के लिए विदेशी फंड जुटाना आसान हो गया है।

NRI ग्राहकों को क्या फायदा होगा

इस कदम से बैंकों के बीच मुकाबला बढ़ गया है। अब बैंक ज़्यादा से ज़्यादा Non-Resident Indians (NRIs) को अपनी ओर खींचने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर रहे हैं। खासकर छोटे बैंक अब USD डिपॉजिट पर 7% से अधिक ब्याज की पेशकश कर रहे हैं, जो पहले कम था।

विवरण जानकारी
मुख्य संस्थान Reserve Bank of India (RBI)
मुख्य उद्देश्य US Dollar inflows बढ़ाना
पहली बड़ी छूट CRR (Cash Reserve Ratio) से छूट
दूसरी बड़ी छूट SLR (Statutory Liquidity Ratio) से छूट
लागत सहायता RBI हेजिंग लागत उठाएगा
ब्याज दर अपडेट छोटे बैंक 7% से अधिक दे रहे हैं
प्रभावित ग्राहक Non-Resident Indians (NRIs)