रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने दुनिया भर की आर्थिक स्थिति को लेकर चेतावनी जारी की है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने के बाद भी दुनिया के हालात अभी नाजुक हैं। हालांकि, RBI ने भरोसा दिलाया है कि भारत की आर्थिक नींव मजबूत है और बाहरी झटकों का इस पर ज्यादा असर नहीं होगा।

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RBI के जून 2026 के बुलेटिन में कहा गया कि दुनिया में अभी भी काफी जोखिम बने हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून 2026 को फ्रांस के वर्साय में शांति समझौता हुआ था, लेकिन यह पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। 20 जून 2026 को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान किया, जिससे दुनिया में फिर से तनाव बढ़ गया।

RBI गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव की वजह से महंगाई का खतरा बढ़ा है। ऐसे में बैंक अभी ‘रुको और देखो’ की नीति अपना रहा है। अगर अमेरिका और ईरान का समझौता टूटता है, तो दुनिया में महंगाई बढ़ सकती है, निवेश कम हो सकता है और आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी हो सकती है।

भारत की बात करें तो RBI के मुताबिक हमारी अर्थव्यवस्था अन्य देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है। भारत में लगातार आर्थिक विकास हो रहा है, महंगाई पर नियंत्रण है और विदेशी मुद्रा का भंडार भी पर्याप्त है। हालांकि, खराब मानसून की वजह से घरेलू विकास और महंगाई पर असर पड़ सकता है।

आर्थिक आंकड़े और अनुमान

विवरण आंकड़ा/जानकारी
GDP ग्रोथ (FY27) 6.6% (संशोधित)
महंगाई दर (CPI Inflation) 5.1% (संशोधित)
रेपो रेट (Repo Rate) 5.25%
महंगाई का लक्ष्य 4% (+/- 2%)
शांति समझौता तारीख 18 जून 2026
वार्षिक रिपोर्ट 2025-26
मौद्रिक नीति रुख न्यूट्रल (Neutral)

RBI ने यह भी जानकारी दी कि वह डिजिटल करेंसी (CBDC) के पायलट प्रोजेक्ट को बढ़ाएगा और वित्तीय संपत्तियों के टोकनाइजेशन पर काम करेगा। सरकार और RBI ने 31 मार्च 2031 तक महंगाई के लक्ष्य को 4% पर बरकरार रखा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.