भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश के सभी बैंकों और एनबीएफसी (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) पर नज़र रखता है। जब कोई बैंक RBI के नियमों का पालन नहीं करता, तो RBI उस पर जुर्माना लगा सकता है।

 

सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक पर प्रतिबंध

हाल ही में, RBI ने मुंबई के सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक पर कई प्रतिबंध लगाए हैं। इस बैंक की खराब वित्तीय स्थिति के कारण ग्राहकों को अपने खातों से 15,000 रुपये से ज्यादा निकालने की मनाही है। जमा राशि पर डिपॉजिट इंश्योरेंस और क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) से 5 लाख रुपये तक की बीमा राशि का दावा किया जा सकता है। ये प्रतिबंध 15 अप्रैल 2024 से लागू हो गए हैं।

 

नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में स्थित नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर भी RBI ने प्रतिबंध लगाए हैं। इस बैंक की वित्तीय स्थिति खराब होने के कारण खातों से 10,000 रुपये की निकासी सीमा निर्धारित की गई है। इसी तरह, यहां के ग्राहक भी DICGC से 5 लाख रुपये तक की बीमा दावा राशि प्राप्त कर सकते हैं। ये प्रतिबंध भी 15 अप्रैल 2024 से लागू हुए हैं और 6 महीने तक लागू रहेंगे।

 

इन प्रतिबंधों का मकसद बैंकों की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना और जमाकर्ताओं की रक्षा करना है। RBI की यह कार्रवाई बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के बराबर नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए है कि बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार लाएं।

Lov Singh

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