विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए अपनी जमा पूंजी पर ज़्यादा मुनाफा कमाने का अच्छा मौका आया है। Reserve Bank of India (RBI) ने NRI डिपॉजिट को बढ़ावा देने के लिए नियमों में बड़ी ढील दी है। अब विदेशी मुद्रा जमा खातों पर ब्याज दरों की सीमा हटा दी गई है, जिससे NRI को पहले के मुकाबले बेहतर रिटर्न मिल सकता है।

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Bank of Baroda की एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 की पहली छमाही में NRI डिपॉजिट की ग्रोथ धीमी पड़ गई थी। इसे फिर से बढ़ाने के लिए RBI ने कदम उठाए हैं। खासकर FCNR(B) और NRE खातों में पैसा लगाने वालों के लिए यह एक फायदेमंद समय है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस समय NRO अकाउंट सबसे तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

ब्याज दरों में मिली छूट

RBI ने 3 साल से ज़्यादा और 5 साल तक की समय सीमा वाले FCNR(B) डिपॉजिट पर ब्याज दरों की ऊपरी सीमा को हटा दिया है। इसी तरह, 3 साल या उससे ज़्यादा समय के लिए खोले जाने वाले NRE डिपॉजिट पर भी ब्याज दरों की पाबंदी खत्म कर दी गई है। यह छूट 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। हालांकि, ध्यान रहे कि NRO अकाउंट से NRE अकाउंट में ट्रांसफर किए गए पैसे पर यह लाभ नहीं मिलेगा।

बैंकों के लिए नई सुविधा

RBI ने बैंकों को प्रोत्साहित करने के लिए एक स्पेशल USD-INR स्वैप सुविधा शुरू की है। इसके तहत, जो बैंक नए FCNR(B) डिपॉजिट जुटाएंगे, उनका हेजिंग खर्च RBI खुद उठाएगा। इस कदम से बैंक ग्राहकों को ज़्यादा आकर्षक ब्याज दरें दे पाएंगे। Bank of Baroda ने इसके जवाब में 11 जून 2026 को अपनी नई FCNR(B) डिपॉजिट स्कीम लॉन्च कर दी है।

मुख्य जानकारी और तारीखें

विवरण तारीख / जानकारी
ब्याज दरों में छूट की शुरुआत 17 जून 2026
ब्याज छूट की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026
USD-INR स्वैप सुविधा की अंतिम तारीख 16 अक्टूबर 2026
Bank of Baroda की नई स्कीम 11 जून 2026
FY26 में कुल NRI डिपॉजिट 166 बिलियन अमेरिकी डॉलर
संभावित नया निवेश (Goldman Sachs) 30 से 50 बिलियन डॉलर
सबसे तेज़ी से बढ़ता खाता NRO अकाउंट

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वे महंगाई पर नज़र रख रहे हैं, क्योंकि खराब मानसून से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। वहीं, Goldman Sachs का अनुमान है कि RBI के इन नए उपायों से साल 2026 के दौरान भारत में 30 से 50 बिलियन डॉलर तक का विदेशी निवेश आ सकता है।