भारत से विदेश पैसा भेजने वालों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। RBI ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पैसे भेजने के नियमों को बदल दिया है जिससे अब यह काम काफी आसान हो गया है। अब आपको छिपे हुए खर्चों की चिंता नहीं करनी होगी और सारा हिसाब साफ़ रहेगा। यह बदलाव उन लोगों के लिए बहुत काम का है जो ऑनलाइन ऐप या वेबसाइट के जरिए विदेशी मुद्रा भेजते हैं।

नियमों में क्या बदलाव हुए हैं और किसे फायदा होगा

RBI ने ऑनलाइन आउटवर्ड रेमिटेंस के लिए एक नया और सरल ढांचा तैयार किया है। अब गैर-बैंक संस्थाओं (Fintech Companies) को बैंक के साथ साझेदारी करने के लिए पहले की तरह मंजूरी लेने की ज़रूरत नहीं होगी। अब पूरी जिम्मेदारी AD Category-I बैंकों की होगी कि वे FEMA और KYC जैसे नियमों का पालन सुनिश्चित करें। इससे डिजिटल पेमेंट सेवाओं में तेज़ी आएगी और ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।

ग्राहकों के लिए पारदर्शिता और नए नियम

अब ग्राहकों को पैसा भेजने से पहले साफ़-साफ़ बताया जाएगा कि उनका कितना पैसा कट रहा है और कितना पहुँच रहा है। बैंकों और उनके पार्टनर प्लेटफॉर्म्स को अब कुछ ज़रूरी जानकारियां देना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे उन लोगों को बहुत मदद मिलेगी जो विदेश में पढ़ाई, इलाज या परिवार के रख-रखाव के लिए पैसे भेजते हैं।

विवरण नया नियम और प्रावधान
मंजूरी की प्रक्रिया गैर-बैंक संस्थाओं के लिए पूर्व मंजूरी की ज़रूरत खत्म
अनुपालन जिम्मेदारी FEMA और KYC की पूरी जिम्मेदारी अब AD Category-I बैंकों की होगी
एक्सचेंज रेट बैंक द्वारा कोट किया गया रेट, समय और उसकी वैधता बताना ज़रूरी
कुल लागत लेन-देन का कुल अनुमानित खर्च ग्राहकों को बताना होगा
पहुँचने वाली राशि लाभार्थी के खाते में पहुँचने वाली सटीक रकम की जानकारी देना अनिवार्य
समय सीमा पैसा पहुँचने में लगने वाला अधिकतम समय बताना होगा
फंड का रास्ता पैसा सीधे भेजने वाले के खाते से लाभार्थी के खाते में जाएगा

ग्राहकों के पैसे और डेटा की सुरक्षा के इंतजाम

RBI ने यह साफ़ कर दिया है कि ग्राहकों का पैसा किसी भी तीसरे पक्ष के खाते में नहीं रुकेगा। पैसा सीधे भेजने वाले के बैंक खाते से निकलकर विदेश में लाभार्थी के खाते में जाएगा, ताकि किसी भी तरह के जोखिम से बचा जा सके। साथ ही, ग्राहकों के डेटा की सुरक्षा के लिए डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट का पालन करना अनिवार्य होगा। बैंकों को अपनी वेबसाइट पर सभी पार्टनर कंपनियों की जानकारी और डेटा स्टोरेज की पॉलिसी को साफ़ तौर पर दिखाना होगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अब डिजिटल ऐप से विदेश पैसा भेजना सुरक्षित है

हाँ, RBI के नए नियमों के मुताबिक अब पूरा अनुपालन बैंकों की जिम्मेदारी है और पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में जाएगा, जिससे जोखिम कम हो गया है।

ग्राहकों को अब डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्या जानकारी मिलेगी

अब ग्राहकों को विदेशी मुद्रा की दर, कुल ट्रांजेक्शन फीस, लाभार्थी को मिलने वाली सही रकम और पैसा पहुँचने के समय की पूरी जानकारी पहले ही मिल जाएगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.