लाल सागर और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। 27 जुलाई 2026 को यमनी सूचना मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि अब अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा की रक्षा करना ही मुख्य चुनौती है। यमनी अधिकारियों का कहना है कि हूती विद्रोहियों द्वारा व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।
ℹ: Yemen: हुती विद्रोहियों को ईरान से मिल रही मदद, यमन सरकार ने की अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग।
सुरक्षा पर गहराते संकट
यमनी प्रधानमंत्री Shaya Zindani ने हूती गतिविधियों की कड़ी निंदा की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इनके खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। यमनी रक्षा मंत्री Lt. Gen. Taher al-Aqili ने बताया कि सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन और अन्य अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर हूती आतंकवाद को खत्म करने के प्रयास जारी हैं। वहीं, 27 जुलाई को हूती गुट ने सऊदी अरब के एक टोही ड्रोन को मार गिराने और तीन सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाने का दावा किया है।
भारत के लिए भी चुनौती
इस तनाव का असर समुद्री यात्राओं पर भी पड़ा है। भारत के शिपिंग महानिदेशालय ने 27 जुलाई 2026 को एक एडवाइजरी जारी कर समुद्री गलियारों में बढ़ते खतरों पर चिंता जताई है। अब तक 13 वाणिज्यिक जहाजों ने अपनी यात्रा के रूट बदल दिए हैं या उन्हें रद्द कर दिया है। UKMTO ने भी लाल सागर में एक वाणिज्यिक टैंकर के पास अज्ञात प्रोजेक्टाइल गिरने की घटना दर्ज की है। समुद्री सुरक्षा में गिरावट के चलते गैर-जरूरी यात्राओं पर फिर से विचार करने की सलाह दी गई है।
