लाल सागर (Red Sea) में गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को एक बड़ी सुरक्षा घटना सामने आई है, जहां सऊदी अरब के एक जहाज को निशाना बनाया गया है। ईरान समर्थित हूती मिलिशिया ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और दावा किया है कि उन्होंने सऊदी कंपनी के दो तेल टैंकरों ‘Encelia’ और ‘Layla’ पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। बहरीन सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है।
हमले का विवरण और नुकसान
सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी SPA ने पुष्टि की है कि ‘Encelia’ नाम का तेल टैंकर हमले का शिकार हुआ है। इस हमले के कारण जहाज के अगले हिस्से में आग लग गई थी, हालांकि अच्छी बात यह रही कि जहाज के सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। हूती प्रवक्ता Yahya Saree का कहना है कि यह हमला इसलिए किया गया क्योंकि ये जहाज सऊदी अरब द्वारा लगाए गए नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहे थे।
क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद खाड़ी देशों में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह हूती हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार मानते हैं और लाल सागर में शिपिंग को रोकने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की आक्रामकता का जवाब वे पूरी ताकत और निर्णायक तरीके से देंगे। कुवैत ने भी इस हमले की निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। फिलहाल यह स्थिति ग्लोबल ऑयल सप्लाई और समुद्री व्यापार मार्गों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है।
