भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट रिफाइनर Reliance Industries ने ईरान से 50 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदने का बड़ा फैसला लिया है। यह खरीदारी अमेरिका द्वारा ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने के बाद की गई है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई को सामान्य करने के लिए अमेरिका ने यह छूट दी है। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस अब वैश्विक बाजार में आए इस बदलाव का लाभ उठा रही है।

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अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील और इसकी समयसीमा क्या है?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को 20 मार्च 2026 से हटा दिया है। यह निलंबन फिलहाल 19 अप्रैल 2026 तक ही लागू रहेगा। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent के मुताबिक, इस फैसले से ग्लोबल मार्केट में लगभग 14 करोड़ बैरल तेल आने की संभावना है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की सप्लाई रुकने के डर से यह कदम उठाया गया है क्योंकि दुनिया का 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से आता है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज की तेल खरीदारी का पूरा डेटा

रिलायंस ने केवल ईरान ही नहीं बल्कि रूस से भी भारी मात्रा में तेल खरीदने का समझौता किया है। कंपनी ने हाल के दिनों में अपनी जरूरतों के लिए कई देशों से तेल मंगाया है। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में दी गई है:

तेल का स्रोत तेल की मात्रा छूट या समझौते की अवधि
ईरान (Iranian Oil) 50 लाख बैरल 19 अप्रैल 2026 तक वैध
रूस (Russian Crude) 60 लाख बैरल 4 अप्रैल 2026 तक वैध
ब्राउन्सविले (Texas USA) ईंधन की खरीद 20 साल का समझौता

अमेरिकी रिफाइनरी प्रोजेक्ट और रिलायंस का भविष्य

राष्ट्रपति ट्रंप ने टेक्सास के ब्राउन्सविले में 300 अरब डॉलर के एक नए तेल रिफाइनरी प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस प्रोजेक्ट से ईंधन खरीदने के लिए 20 साल के एक समझौते पर दस्तखत किए हैं। यह भारतीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ा अपडेट है क्योंकि इससे लंबे समय तक तेल की सप्लाई सुनिश्चित हो सकेगी। भारतीय रिफाइनर्स के लिए रूस और ईरान जैसे देशों से सस्ता तेल खरीदना काफी फायदेमंद साबित हो रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.