Telegram के CEO Pavel Durov ने भारतीय कंपनी Reliance पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि Reliance ने BGP hijacking नाम के तरीके से भारत के बाहर लाखों यूज़र्स के लिए Telegram की सर्विस बाधित की। इस गड़बड़ी का असर UAE समेत कई अन्य देशों में रहने वाले लोगों पर पड़ा, जिससे उन्हें ऐप इस्तेमाल करने में दिक्कत हुई।
Pavel Durov ने 16 जून 2026 को यह खुलासा किया। उन्होंने बताया कि Reliance ने इंटरनेट रूटिंग के सिस्टम में छेड़छाड़ की, जिससे Telegram का ट्रैफिक गलत दिशा में चला गया। Durov का दावा था कि यह काम जानबूझकर किया गया क्योंकि Reliance की हिस्सेदारी Meta कंपनी में है, जो WhatsApp की मालिक है। उन्होंने इसे दोनों कंपनियों के बीच की प्रतिस्पर्धा बताया।
इस मामले की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- गड़बड़ी का तरीका: Reliance (AS18101) ने अनाधिकृत BGP घोषणाओं का इस्तेमाल किया जिससे नेटवर्क रूट हाईजैक हो गए।
- प्रभावित क्षेत्र: भारत के बाहर के लाखों यूज़र्स, जिनमें UAE के लोग भी शामिल थे।
- कंपनी का रवैया: आरोप है कि Reliance ने इस समस्या के बारे में कई रिपोर्ट मिलने के बाद भी इसे नजरअंदाज किया।
- समाधान: सोशल मीडिया पर जानकारी आने के लगभग 4 घंटे बाद Reliance ने इस रूटिंग को बंद कर दिया और सर्विस ठीक हो गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, BGP इंटरनेट का वह सिस्टम है जो डेटा को सही रास्ते पर भेजता है। जब कोई कंपनी गलत तरीके से IP एड्रेस का दावा करती है, तो इसे BGP hijacking कहा जाता है। इससे इंटरनेट ट्रैफिक भटक जाता है और यूज़र्स के लिए सर्विस बंद हो सकती है।
यह पूरा विवाद उस समय सामने आया जब भारत में NEET परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों के कारण NTA ने Telegram पर अस्थायी रोक लगाई थी। Pavel Durov ने यह भी संदेह जताया कि Reliance और WhatsApp ने भारत में Telegram पर प्रतिबंध लगवाने के लिए कोशिशें की थीं।