सऊदी अरब की राजधानी रियाद में बुधवार को अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक के बाद गुरुवार को एक साझा बयान जारी किया गया जिसे मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) ने अपना समर्थन दिया है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को कम करना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है। खाड़ी में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर सुरक्षा के नजरिए से काफी महत्वपूर्ण है।
बैठक में किन देशों ने हिस्सा लिया और क्या रहे मुख्य मुद्दे?
सऊदी अरब की मेजबानी में हुई इस बैठक में कई देशों के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इसमें अजरबैजान, बहरीन, मिस्र, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, पाकिस्तान, कतर, सीरिया, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात शामिल थे। बैठक में मुख्य रूप से उन हमलों पर चर्चा हुई जो रिहायशी इलाकों और तेल सुविधाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। मंत्रियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना सभी के लिए जरूरी है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति के लिए क्या फैसले लिए गए?
बैठक के बाद जारी साझा बयान में शांति बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी बिंदुओं पर जोर दिया गया। इसके तहत भविष्य के संबंध एक-दूसरे की संप्रभुता के सम्मान पर निर्भर करेंगे।
- रिहायशी इलाकों और हवाई अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की गई।
- संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत देशों के आत्मरक्षा के अधिकार को सही बताया गया।
- लेबनान की स्थिरता का समर्थन किया गया और इजरायली हमलों की आलोचना की गई।
- सभी देशों से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करने को कहा गया।
- दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल न देने की नीति अपनाने पर जोर दिया गया।
