रियाद प्रशासन ने शहर की हवा को साफ रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. धूल उड़ाने और पर्यावरण नियमों का पालन न करने वाली संस्थाओं पर कुल 16 मिलियन सऊदी रियाल का भारी जुर्माना लगाया गया है. यह कार्रवाई राजधानी में प्रदूषण कम करने और पर्यावरण की रक्षा करने के सरकारी अभियान का हिस्सा है.

यह पूरी कार्रवाई सऊदी अरब के पर्यावरण कानून के तहत की गई है. Ministry of Environment, Water and Agriculture (MEWA) पर्यावरण मानकों को लागू करने की जिम्मेदारी संभाल रही है. मई 2021 में लागू हुए हवा की गुणवत्ता (Air Quality) के नियमों के मुताबिक, अगर कोई कंपनी धूल या हवा में बाधा डालने वाले पदार्थों को रोकने में नाकाम रहती है, तो उस पर 50,000 रियाल का जुर्माना लगाया जा सकता है.

स्थानीय स्तर पर इसे और मजबूत बनाने के लिए Royal Commission for Riyadh City (RCRC) ने National Center for Environmental Compliance (NCEC) और रियाद नगर पालिका के साथ मिलकर एक खास फ्रेमवर्क तैयार किया है. यह नियम उन सभी निर्माण कार्यों (construction projects) पर लागू होता है जिनका क्षेत्रफल 2,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक है.

निर्माण कार्यों के लिए जरूरी नियम

निर्माण कंपनियों के लिए कुछ सख्त शर्तें रखी गई हैं, जिनका पालन न करने पर भारी जुर्माना देना होगा:

  • प्रमाणित डस्ट सप्रेशन मटेरियल का इस्तेमाल करना होगा.
  • खुली सतहों पर रोजाना पानी का छिड़काव करना अनिवार्य है.
  • निर्माण सामग्री को ठीक से ढक कर रखना होगा.
  • साइट पर हवा की गुणवत्ता की निगरानी के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना होगा.

इन विशिष्ट नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों पर प्रति उल्लंघन 50,000 रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.