सऊदी अरब ने डिजिटल दुनिया में एक और बड़ी छलांग लगाई है। अब रियाद में डिजिटल गवर्नमेंट का एक ग्लोबल सेंटर बनाया जाएगा। इस कदम से सरकारी कामकाज के तरीके बदलेंगे और यह सेंटर पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बनेगा। इसका मकसद सरकारी सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाना है।

रियाद में डिजिटल सेंटर की क्या खासियत होगी?

7 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर यह खबर आई कि रियाद में ग्लोबल डिजिटल गवर्नमेंट सेंटर की स्थापना होगी। डिजिटल गवर्नमेंट अथॉरिटी (DGA) और सऊदी डेटा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) जैसे बड़े विभाग इसमें मुख्य भूमिका निभाएंगे। यह सेंटर सऊदी अरब के डिजिटल नेतृत्व को दुनिया के सामने लाएगा। इस बदलाव से वहां रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों को भी मदद मिलेगी क्योंकि सरकारी सेवाएं और भी आसान और तेज हो जाएंगी।

सऊदी अरब की डिजिटल उपलब्धियां और आने वाले इवेंट्स

सऊदी अरब ने पिछले कुछ समय में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कई बड़े काम किए हैं। यहाँ कुछ मुख्य बातें दी गई हैं:

  • वर्ल्ड बैंक रिपोर्ट: 2025 के डिजिटल गवर्नमेंट मैच्योरिटी इंडेक्स (GTMI) में सऊदी अरब ने दुनिया भर में दूसरा स्थान हासिल किया।
  • हेक्सागोन (Hexagon): जनवरी 2026 में रियाद में दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी डेटा सेंटर ‘हेक्सागोन’ बनाया गया।
  • AI का साल: सऊदी सरकार ने साल 2026 को ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का साल’ घोषित किया है।
  • बड़ी कॉन्फ्रेंस: 28 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक रियाद में डिजिटल गवर्नेंस पर 19वीं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस (ICEGOV) होगी। इसमें 60 देशों के 700 से ज्यादा एक्सपर्ट हिस्सा लेंगे।

डिजिटल गवर्नमेंट अथॉरिटी की स्थापना 2022 में कैबिनेट के एक फैसले के बाद हुई थी ताकि सरकारी विभागों की सर्विस क्वालिटी और डिजिटल परफॉर्मेंस को सुधारा जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

रियाद में ग्लोबल डिजिटल गवर्नमेंट सेंटर कब घोषित किया गया?

इस सेंटर की घोषणा 7 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर की गई।

ICEGOV कॉन्फ्रेंस कब और कहाँ होगी?

यह कॉन्फ्रेंस 28 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक रियाद में आयोजित होगी, जिसमें 60 देशों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।

सऊदी अरब की डिजिटल रैंकिंग क्या है?

वर्ल्ड बैंक ग्रुप की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब डिजिटल गवर्नमेंट मैच्योरिटी इंडेक्स (GTMI) में दुनिया में दूसरे स्थान पर है।