सऊदी अरब की राजधानी रियाद में बुधवार को 12 अरब और इस्लामी देशों के विदेश मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर चर्चा की गई और ईरान द्वारा किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की गई। मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि पड़ोसी देशों पर ईरान की आक्रामकता को किसी भी आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता। इस बैठक में कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह अल-सबा भी शामिल थे।

ईरान के हमलों से किन देशों को हुआ नुकसान?

ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों के साथ-साथ जॉर्डन, अजरबैजान और तुर्की को भी निशाना बनाया है। रिपोर्ट के अनुसार ये हमले रिहायशी इलाकों, तेल सुविधाओं, पानी के प्लांट और हवाई अड्डों जैसे नागरिक ठिकानों पर किए गए। पिछले 24 घंटों में हुई कुछ बड़ी घटनाएं इस प्रकार हैं:

  • सऊदी अरब: रक्षा मंत्रालय ने रियाद और पूर्वी प्रांत की ओर आ रहे 35 ड्रोन और 2 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया।
  • कतर: रास लफान गैस सुविधा पर हुए हमले के बाद कतर ने ईरानी सैन्य अधिकारियों को देश से निकाल दिया है।
  • कुवैत: कुवैत नेशनल गार्ड ने गुरुवार सुबह अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले इलाकों में 5 ड्रोन मार गिराए।
  • यूएई: संयुक्त अरब अमीरात की वायु सेना लगातार ईरानी ड्रोन और मिसाइल खतरों का जवाब दे रही है।

बैठक में क्या फैसले लिए गए?

विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान से तुरंत हमले रोकने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की मांग की है। बैठक में यह भी कहा गया कि देशों के पास अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। मंत्रियों ने जोर देकर कहा कि भविष्य में ईरान के साथ संबंध इस बात पर निर्भर करेंगे कि वह दूसरे देशों की संप्रभुता का कितना सम्मान करता है और आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करता है या नहीं। इसके अलावा ईरान से उन सशस्त्र समूहों को धन और हथियार देना बंद करने को कहा गया है जो अरब देशों में अस्थिरता फैलाते हैं।

देश मुख्य कार्रवाई / प्रभाव
सऊदी अरब 35 ड्रोन और 2 मिसाइलें इंटरसेप्ट की गईं
कतर गैस प्लांट पर हमला और ईरानी अधिकारियों का निष्कासन
कुवैत 5 ड्रोन मार गिराए गए
ईरान को निर्देश UN प्रस्ताव 2817 का पालन करने की सलाह

सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि ईरान यह न समझे कि खाड़ी देश उसकी कार्रवाइयों का जवाब देने में सक्षम नहीं हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी यह सुरक्षा अपडेट महत्वपूर्ण है क्योंकि हवाई यात्रा और तेल सुविधाओं पर इन हमलों का असर पड़ सकता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.