सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुई एक बड़ी बैठक के बाद कई देशों ने ईरान से अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों में दखल न देने की अपील की है। इस मीटिंग में शामिल मंत्रियों ने साफ कहा कि ईरान को हॉर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंडेब जैसे महत्वपूर्ण रास्तों पर जहाजों की आवाजाही को नहीं रोकना चाहिए। इस बयान में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर गहरी चिंता जताई गई है।

रियाद बैठक में किन मुख्य बातों पर चर्चा हुई?

इस परामर्श बैठक में ईरान द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों की निंदा की गई है। देशों का कहना है कि रिहायशी इलाकों, तेल के कुओं, एयरपोर्ट और अन्य नागरिक सुविधाओं पर हमले करना पूरी तरह गलत है। मंत्रियों ने दोहराया कि हर देश को अपनी सुरक्षा करने का पूरा अधिकार है और ईरान को अंतरराष्ट्रीय नियमों का सम्मान करना होगा। शांति बनाए रखने के लिए पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते बनाना जरूरी बताया गया है।

ईरान के लिए जारी किए गए मुख्य निर्देश

बैठक के बाद जारी साझा बयान में ईरान से कुछ खास कदम उठाने को कहा गया है ताकि क्षेत्र में तनाव कम हो सके। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के आने-जाने में कोई बाधा न पैदा की जाए।
  • बाब अल-मंडेब में समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने वाली धमकियों से बचा जाए।
  • दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद किया जाए।
  • क्षेत्रीय देशों में सक्रिय सशस्त्र गुटों को हथियार और पैसा देना रोका जाए।

बैठक में शामिल होने वाले देश और अधिकारी

इस महत्वपूर्ण मीटिंग की मेजबानी सऊदी अरब ने की थी। इसमें पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, कुवैत, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, लेबनान, सीरिया और अज़रबैजान के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान सऊदी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के प्रतिनिधियों के साथ अलग से भी बातचीत की। इसके अलावा मंत्रियों ने लेबनान की सुरक्षा और वहां हो रहे हमलों पर भी अपना समर्थन जताया।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.