रियाद के इंडस्ट्रियल एरिया में एक मस्जिद की बिजली और पानी की चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ कुछ लोगों ने मस्जिद के सरकारी कनेक्शन से 6 दुकानें और विदेशी मज़दूरों के रहने वाले कमरों को जोड़ रखा था। इस चोरी का खुलासा अल-इखबरिया चैनल की एक रिपोर्ट के बाद हुआ है जिसे देखकर प्रशासन हरकत में आया।

मस्जिद की बिजली और पानी का गलत इस्तेमाल कैसे हुआ?

जांच में यह बात सामने आई कि रियाद के इंडस्ट्रियल एरिया की एक मस्जिद के कनेक्शन का गलत इस्तेमाल किया गया था। यहाँ करीब 6 कमर्शियल दुकानों और विदेशी मज़दूरों के रहने वाले पूरे कैंप की बिजली और पानी की सप्लाई मस्जिद से ली जा रही थी। यह पूरा नेटवर्क चुपके से बनाया गया था ताकि निजी फायदे के लिए सरकारी सुविधाओं का मुफ्त इस्तेमाल किया जा सके।

मंत्रालय ने क्या सख्त निर्देश दिए हैं?

इस्लामिक मामलों, दावत और मार्गदर्शन मंत्रालय ने साफ कहा है कि वह ऐसे मामलों में कोई ढील नहीं देगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने बताया कि मस्जिदों की सुविधाएं सिर्फ नमाज़ियों और मस्जिद की सेवा के लिए हैं। किसी भी निजी फायदे या व्यापार के लिए इनका इस्तेमाल करना कानूनी अपराध है। मंत्रालय ने नागरिकों और प्रवासियों से अपील की है कि ऐसी किसी भी चोरी की जानकारी 1933 नंबर पर तुरंत दें।

सऊदी में बिजली चोरी के कितने मामले मिले?

मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में पूरे सऊदी अरब में मस्जिदों की बिजली और पानी की चोरी के कुल 1147 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से 1034 मामलों पर कार्रवाई कर उन्हें ठीक कर दिया गया है। इन चोरियों में पेट्रोल पंप, निजी मकान, खेत और कुछ पुरानी मस्जिदों के कनेक्शन चुराने जैसे मामले शामिल थे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.