रियाद के उत्तरी हिस्से में ट्रैफिक की समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। यहाँ सड़कों को बेहतर बनाने और लोगों की आवाजाही को आसान करने के लिए नए ओवरहेड ब्रिज लगाए जा रहे हैं। इस बड़े प्रोजेक्ट का मकसद शहर की मुख्य सड़कों पर भीड़ कम करना और सफर को तेज़ बनाना है।

रियाद में क्या नया बन रहा है और इसका फायदा क्या होगा?

उत्तरी रियाद में एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के तहत 20 किलोमीटर से ज़्यादा लंबी सड़क को विकसित किया जा रहा है। इस काम के हिस्से के रूप में दो नए ओवरहेड ब्रिज लगाए गए हैं। पूरे प्रोजेक्ट में कुल 19 पुल और 3 मुख्य चौराहे शामिल हैं, जिससे शहर के ट्रैफिक में बड़ा सुधार आएगा। Royal Commission for Riyadh City (RCRC) इस पूरे काम की देखरेख कर रहा है।

29 अरब रियाल का यह महा-प्रोजेक्ट क्या है?

यह काम “Riyadh Main and Ring Road Axes Development Program” का हिस्सा है। इस प्रोग्राम के लिए कुल 29 अरब सऊदी रियाल (करीब 7.73 अरब डॉलर) का बजट रखा गया है। इसका लक्ष्य शहर के रोड नेटवर्क को 500 किलोमीटर तक बढ़ाना और सड़कों की क्षमता को 85 प्रतिशत तक बढ़ाना है। यह सब सऊदी विज़न 2030 के तहत किया जा रहा है।

किन खास सड़कों पर हो रहा है काम?

प्रोजेक्ट के तीसरे पैकेज (Package 3) में 8 अरब रियाल से ज़्यादा का खर्च हो रहा है। इसमें कई महत्वपूर्ण काम शामिल हैं:

  • ओसमान बिन अफान रोड (Othman bin Affan Road): यहाँ 7 पुल बन रहे हैं, जिससे रोज़ाना 5 लाख गाड़ियों की आवाजाही आसान होगी।
  • किंग अब्दुलअज़ीज़ रोड (King Abdulaziz Road): यहाँ 4 पुल और 1 सुरंग बनाई जा रही है, जिससे रोज़ाना 4.5 लाख गाड़ियों की क्षमता बढ़ेगी।
  • इमाम मुस्लिम रोड (Imam Muslim Road): यहाँ 12 किलोमीटर के हिस्से को अपग्रेड किया जा रहा है और 4 मुख्य पुल बनाए जा रहे हैं।

इसके अलावा, अल किरवान और अल नरजीस जिलों में बुनियादी ढांचे के लिए 2.06 अरब रियाल का पैकेज दिया गया है ताकि वहाँ रिहायशी इलाकों के लिए सड़कें और सुविधाएं तैयार की जा सकें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

उत्तरी रियाद के इस रोड प्रोजेक्ट का कुल बजट कितना है?

इस बड़े प्रोग्राम का कुल बजट 29 अरब सऊदी रियाल है, जबकि इसके तीसरे पैकेज के लिए 8 अरब रियाल से ज़्यादा का बजट तय किया गया है।

इस प्रोजेक्ट से ट्रैफिक पर क्या असर पड़ेगा?

इस प्रोजेक्ट से सड़क नेटवर्क 500 किलोमीटर बढ़ेगा और सड़कों की क्षमता 85 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी, जिससे शहर में जाम की समस्या काफी कम होगी।