सऊदी अरब की राजधानी रियाद में रहने वाले प्रवासियों और किरायेदारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। रियल एस्टेट जनरल अथॉरिटी (REGA) और Ejar प्लेटफॉर्म ने मकान मालिकों के लिए नए नियम लागू किए हैं। अगर कोई मकान मालिक ‘निजी इस्तेमाल’ का हवाला देकर किरायेदार से घर खाली करवाता है, तो वह अगले 365 दिनों तक उस प्रॉपर्टी को किसी और को किराये पर नहीं दे सकेगा। यह नियम उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो ज्यादा किराये के लालच में पुराने किरायेदारों को निकाल देते हैं।

नया नियम क्या है और कैसे काम करेगा?

इस नए नियम के तहत Ejar सिस्टम में कुछ खास तकनीकी बदलाव किए गए हैं। रियाद शहरी सीमा के अंदर रहने वाले किरायेदारों को अब अचानक घर खाली करने की चिंता नहीं करनी होगी।

  • मकान मालिक को किरायेदार को घर खाली करने के लिए कम से कम 365 दिन पहले नोटिस देना होगा।
  • अगर किराये के एग्रीमेंट में एक साल से कम का समय बचा है, तो उसे अपने आप 365 दिन पूरे होने तक बढ़ा दिया जाएगा।
  • निजी इस्तेमाल का मतलब है कि मकान मालिक खुद या उसका प्रथम श्रेणी का रिश्तेदार वहां रहेगा।
  • घर खाली होने के बाद Ejar सिस्टम में 365 दिन का ‘फ्रीज’ लग जाएगा, जिससे मकान मालिक उस प्रॉपर्टी को ऑनलाइन रेंट के लिए लिस्ट नहीं कर पाएगा।

नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना?

रियाद में यह नियम 12 मार्च 2026 के अपडेट के अनुसार लागू हो गया है। REGA के अधिकारियों के मुताबिक यह नियम इसलिए लाया गया है ताकि मकान मालिक निजी इस्तेमाल का बहाना बनाकर किराया बढ़ाने के लिए घर खाली न करवाएं। जो लोग इस नियम का पालन नहीं करेंगे उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

नियम का उल्लंघन जुर्माना (Fine)
पहली बार गलती करने पर दो महीने का किराया
दूसरी बार गलती करने पर छह महीने का किराया
बार-बार नियम तोड़ने पर 12 महीने का किराया

इसके साथ ही रियाद में 5 साल का रेंट फ्रीज भी लागू है। इसमें अगर कोई मकान खाली होता है, तो उसका किराया Ejar सिस्टम में दर्ज आखिरी कीमत पर ही फिक्स रहेगा। इससे प्रवासियों को महंगे किराये से बड़ी राहत मिलेगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.