रियाद में रहने वाले लोगों और वहां घर ढूंढ रहे प्रवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है. सऊदी अरब के जनरल रियल एस्टेट अथॉरिटी (REGA) ने बताया है कि शहर में घरों की सप्लाई में 30% की बढ़ोतरी हुई है. इसका सीधा असर अब मकानों के किराए पर दिखने लगा है, जिससे आम आदमी और वहां नौकरी करने वाले भारतीयों को बड़ी राहत मिली है.

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रियाद में घर के किराए और सप्लाई में क्या बदलाव आए हैं?

जनरल रियल एस्टेट अथॉरिटी के प्रेसिडेंट अब्दुल्ला अल-हम्माद ने 18 मई 2026 को बताया कि रियाद में रिहायशी घरों की उपलब्धता 30% बढ़ गई है. इस वजह से पिछले एक साल में किराए में 15% की कमी आई है. सरकार की कोशिशों की वजह से साल 2025 में हाउसिंग यूनिट्स की संख्या 50,000 से बढ़कर 65,000 हो गई है. इसके अलावा, शहर का डिजिटल रियल एस्टेट मैप भी पूरा हो गया है और 57% संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है.

खाली पड़े मकानों पर जुर्माना और विदेशी मालिकाना हक का नया नियम

सऊदी सरकार ने मकानों की कमी को दूर करने के लिए 15 मई 2026 से ‘खाली संपत्ति शुल्क’ (Vacant Property Fee List) लागू कर दिया है. अगर कोई रिहायशी या कमर्शियल बिल्डिंग एक साल में छह महीने तक खाली रहती है, तो उसके मालिक को बिल्डिंग की कीमत का 5% शुल्क देना होगा. इस पैसे का इस्तेमाल नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स बनाने में किया जाएगा. साथ ही, जनवरी 2026 से विदेशियों को भी सऊदी अरब में संपत्ति खरीदने की अनुमति मिलेगी, जिससे विदेशी निवेश बढ़ेगा.

विवरण जानकारी
सप्लाई में बढ़ोतरी 30%
किराये में कमी 15%
पुराने हाउसिंग यूनिट (2025) 50,000
नए हाउसिंग यूनिट (2025) 65,000
खाली मकानों पर शुल्क 5%
शुल्क लागू होने की अवधि 6 महीने
विदेशी मालिकाना हक जनवरी 2026 से
डिजिटल मैप रजिस्ट्रेशन 57%

Frequently Asked Questions (FAQs)

रियाद में घर का किराया क्यों कम हुआ है?

घरों की सप्लाई में 30% की बढ़ोतरी हुई है और खाली पड़े मकानों पर जुर्माना लगाने के नियम से अब ज्यादा घर किराए के लिए उपलब्ध हैं, जिससे रेंट 15% तक गिर गया है.

क्या अब विदेशी लोग सऊदी अरब में घर खरीद सकते हैं?

हाँ, सऊदी सरकार के नए फैसले के मुताबिक जनवरी 2026 से विदेशियों को रियल एस्टेट में मालिकाना हक रखने की अनुमति मिलेगी.