सऊदी अरब ने डिजिटल दुनिया में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने रियाद को अपने डिजिटल गवर्नमेंट सेंटर के लिए चुना है। यह फैसला सऊदी अरब की बढ़ती ताकत और तकनीक के क्षेत्र में उसके नेतृत्व को दिखाता है। इस कदम से पूरी दुनिया में डिजिटल सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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रियाद को UN डिजिटल गवर्नमेंट सेंटर बनाने का फैसला कैसे हुआ?
सऊदी अरब की काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने इस बात की पुष्टि की है कि रियाद अब UN के डिजिटल गवर्नमेंट सेंटर का मुख्यालय होगा। इस समझौते की शुरुआत 7 मई 2026 को न्यूयॉर्क में हुई, जहाँ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन (STI) फोरम के दौरान एक सहमति पत्र (Letter of Intent) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता सऊदी डिजिटल गवर्नमेंट अथॉरिटी (DGA) और UN-DESA के बीच हुआ है। यह पहल रियाद घोषणा (Riyadh Declaration) पर आधारित है जो 19वें IGF सत्र के दौरान की गई थी।
इस नए सेंटर से दुनिया और देशों को क्या फायदा होगा?
- यह सेंटर अलग-अलग देशों को डिजिटल शासन (Digital Governance) के बेहतर तरीके सिखाएगा।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों का इस्तेमाल करके सरकारी सेवाओं को आसान और तेज़ बनाया जाएगा।
- दुनिया के विभिन्न देशों के बीच डिजिटल अंतर को कम करने की कोशिश की जाएगी ताकि सब लोग तकनीक का लाभ ले सकें।
- यह सेंटर सदस्य देशों को टिकाऊ डिजिटल रणनीति बनाने और सार्वजनिक सेवाओं को आधुनिक बनाने में मदद करेगा।
बड़े अधिकारियों ने इस फैसले के बारे में क्या कहा?
DGA के गवर्नर इंजीनियर अहमद बिन मोहम्मद अलसुवियान ने बताया कि रियाद का चयन सऊदी अरब के डिजिटल बदलाव की सफलता को दिखाता है और यह विजन 2030 के लक्ष्यों के अनुरूप है। वहीं UN-DESA की असिस्टेंट सेक्रेटरी जनरल ब्योर्ग सैंडकjaer ने कहा कि इससे सदस्य देशों को समावेशी और टिकाऊ डिजिटल रणनीतियाँ बनाने में मदद मिलेगी। इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट सामर चौकेयर ने भी इसे सऊदी अरब के लिए एक बड़ा रणनीतिक मील का पत्थर बताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UN डिजिटल गवर्नमेंट सेंटर कहाँ स्थित होगा?
यह सेंटर सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित होगा, जिसे UN-DESA के साथ मिलकर संचालित किया जाएगा।
इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना, AI जैसी आधुनिक तकनीकों को साझा करना और सदस्य देशों की सरकारी सेवाओं को आधुनिक और समावेशी बनाना है।
