सऊदी अरब ने डिजिटल सुरक्षा की दुनिया में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अपनी पहली साइबर सिक्योरिटी ऑफिस के लिए रियाद को चुना है। इस फैसले से अब रियाद पूरी दुनिया के लिए साइबर सुरक्षा का एक बड़ा केंद्र बनेगा और यहीं से इंटरनेट की दुनिया को सुरक्षित बनाने की कोशिशें होंगी।
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सऊदी कैबिनेट ने रियाद को UN के ट्रेनिंग और रिसर्च इंस्टीट्यूट (UNITAR) के इस विशेष ऑफिस के लिए मुख्यालय बनाने की मंजूरी दी है। 11 जून 2026 को सऊदी की नेशनल साइबर सिक्योरिटी अथॉरिटी (NCA) और UNITAR के बीच इस समझौते पर साइन किए गए थे। यह दुनिया का पहला ऐसा ऑफिस होगा जो पूरी तरह से सिर्फ साइबर सुरक्षा के काम को देखेगा।
UN की असिस्टेंट सेक्रेटरी जनरल मिशेल गाइल्स-मैकडोनो ने कहा कि रियाद का चुनाव सऊदी अरब की लीडरशिप को बताता है। उन्होंने बताया कि यह ऑफिस दुनिया भर में साइबर सुरक्षा की कमियों को दूर करने और आपसी सहयोग बढ़ाने में मदद करेगा।
NCA के गवर्नर माजिद अल-मजीद ने अपनी बात रखते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सिर्फ मशीनों और टेक्नोलॉजी पर निर्भर रहना काफी नहीं है। इसके लिए लोगों के हुनर और संस्थाओं को बेहतर बनाने में निवेश करना जरूरी है। वहीं, मंत्री मूसाएड अल आइबन ने कहा कि किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के समर्थन की वजह से ही सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतना आगे बढ़ा है।
जानें इस फैसले की खास बातें
- तीसरा ग्लोबल ऑफिस: अब तक UNITAR के ऑफिस जापान के हिरोशिमा और जर्मनी के बॉन में थे, अब रियाद तीसरा शहर बन गया है।
- दुनिया में नंबर वन: सऊदी अरब 2025 की IMD वर्ल्ड कॉम्पिटिटिवनेस ईयरबुक में साइबर सुरक्षा के मामले में लगातार दूसरे साल दुनिया में टॉप पर रहा है।
- बड़ा इवेंट: 18 जून 2026 को रियाद में साइबर सिक्योरिटी समिट का आयोजन किया जाएगा।
- मुख्य लक्ष्य: इस ऑफिस के जरिए ट्रेनिंग, रिसर्च और नई पॉलिसी बनाई जाएंगी ताकि पूरी दुनिया में साइबर हमलों से बचा जा सके।
सऊदी अरब और संयुक्त राष्ट्र ने साल 2025 में ही साइबर स्पेस में क्षमता निर्माण के लिए एक ग्लोबल पहल की शुरुआत की थी। अब रियाद में इस ऑफिस के खुलने से सऊदी अरब का दबदबा तकनीक की दुनिया में और बढ़ जाएगा।