Riyadh के दक्षिणी इलाके में एक गैर-कानूनी फैक्ट्री पकड़ी गई है जहां सड़ा हुआ चिकन बेचा जा रहा था. यहां एक्सपायर्ड चिकन को साफ करने वाले केमिकल्स से धोकर उन पर नई तारीखें लगाई जा रही थीं. यह पूरा काम एक अरब निवेशक की देखरेख में हो रहा था, जिसने बिना लाइसेंस के यह कारोबार शुरू किया था.

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फैक्ट्री में कैसे किया जा रहा था फर्जीवाड़ा

अधिकारियों ने दक्षिण रियाद में एक ऐसी जगह पकड़ी जो पूरी तरह बिना लाइसेंस के चल रही थी. यहां पुराने और सड़े हुए चिकन को स्टोर किया जाता था. इस खराब मांस को साफ करने वाले डिटर्जेंट और केमिकल्स से धोया जाता था ताकि उसकी बदबू चली जाए और वह दिखने में ठीक लगे. इसके बाद उन पर नई एक्सपायरी डेट के स्टिकर लगाए जाते थे ताकि लोग इसे ताजा समझकर खरीद सकें.

नियमों का उल्लंघन और सज़ा का प्रावधान

सऊदी अरब के कानूनों के मुताबिक खाने-पीने की चीज़ों में धोखाधड़ी करना बड़ा अपराध है. ऐसे मामलों में 5 लाख से 1 करोड़ रियाल तक का जुर्माना लग सकता है. गंभीर लापरवाही पर 10 साल तक की जेल और देश से बाहर निकालने यानी डिपोर्ट करने की कार्रवाई भी हो सकती है. SFDA और वाणिज्य मंत्रालय ऐसे कामों पर कड़ी नज़र रखते हैं और समय-समय पर छापेमारी करते हैं.

आम लोग और प्रवासी कैसे करें शिकायत

सऊदी फूड एंड ड्रग अथॉरिटी (SFDA) ने लोगों से अपील की है कि वे खाने की चीज़ें खरीदते समय सावधानी बरतें. अगर किसी को किसी उत्पाद में कोई गड़बड़ी दिखे तो वे 19999 नंबर पर कॉल कर सकते हैं या Tammeni ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं. हाल ही में रियाद के बाजारों से कई टन खराब और अज्ञात मूल का चिकन जब्त किया गया है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.