सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास परिसर के अंदर मौजूद CIA स्टेशन को ड्रोन से निशाना बनाया गया है। इस हमले में दूतावास की इमारत को नुकसान पहुंचा है और वहां आग लग गई थी। हालांकि इसमें किसी कर्मचारी के घायल होने की खबर नहीं मिली है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने जानकारी दी है कि अमेरिकी हमलों की तीव्रता की वजह से अब ईरान की पलटवार करने की क्षमता लगातार कमजोर पड़ती जा रही है।

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रियाद और दुबई हमलों से जुड़ी बड़ी बातें

  • सोमवार 2 मार्च को रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया जिससे छत का एक हिस्सा गिर गया।
  • दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास पार्किंग में भी मंगलवार रात ड्रोन गिरने से आग लगी लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।
  • सऊदी रक्षा मंत्रालय ने रियाद हमले की पुष्टि की है और बताया कि सीमित आग पर काबू पा लिया गया था।
  • खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को दूतावासों के पास न जाने और सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।

ईरान की सैन्य स्थिति पर US Admiral का बड़ा बयान

एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि Operation Epic Fury के पहले 4 दिनों में अमेरिका ने करीब 2000 ठिकानों पर हमले किए हैं। इस दौरान अमेरिका ने बड़ी मात्रा में हथियारों का इस्तेमाल किया है जिससे ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है। कूपर का कहना है कि अमेरिकी सेना ईरान की पूरी नौसेना को डुबा रही है।

नुकसान का विवरण संख्या और स्थिति
नष्ट किए गए ईरानी जहाज 17 (एक पनडुब्बी सहित)
नष्ट किए गए मिसाइल और ड्रोन सैकड़ों की संख्या में
ऑपरेशन की अवधि लगभग 100 घंटे
सुरक्षा अलर्ट खाड़ी क्षेत्र में हाई अलर्ट

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने पुष्टि की है कि दुबई और रियाद में मौजूद सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और उनकी गिनती कर ली गई है। इस तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर भी असर पड़ने की संभावना बनी हुई है क्योंकि हमले महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के करीब हुए हैं। खाड़ी देशों में हवाई सुरक्षा प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.