सऊदी अरब के रियाद शहर में खाली जमीनों को लेकर सरकार ने बड़ी जानकारी साझा की है। Ministry of Municipalities ने बताया कि शहर में करीब 71 मिलियन वर्ग मीटर ऐसी ‘व्हाइट लैंड’ है जो विकास के दायरे में आती है और बाजार में चल रही है। इस कदम का मकसद शहर में जमीनों की किल्लत को दूर करना और घरों की कीमतों को कम करना है।
सऊदी सरकार का यह पूरा प्रोग्राम Crown Prince Mohammed bin Salman के निर्देशों पर चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि लोग अपनी खाली जमीनों को विकसित करें ताकि मार्केट में ज्यादा जमीन उपलब्ध हो और आम लोगों को सस्ते में घर मिल सकें। साथ ही, यह नियम उन लोगों को रोकने के लिए बनाया गया है जो जमीनें दबाकर रखते हैं ताकि कीमतें बढ़ सकें।
Ministry of Municipalities and Housing ने इस काम के लिए कड़े नियम बनाए हैं। अब उन जमीनों पर भारी फीस लगाई जा रही है जो विकसित नहीं की गई हैं। यह नियम उन जमीनों पर लागू होता है जिनका साइज 5,000 वर्ग मीटर या उससे ज्यादा है और जो शहर की सीमा के अंदर आती हैं।
व्हाइट लैंड प्रोग्राम से जुड़ी अहम जानकारियां
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| रियाद में विकसित व्हाइट लैंड का कुल क्षेत्रफल | 71 मिलियन वर्ग मीटर |
| अनडेवलप्ड (बिना विकसित) जमीन पर सालाना फीस | 10% तक |
| खाली विकसित प्रॉपर्टीज पर फीस | मार्केट रेंटल वैल्यू का 5% तक |
| नियम के दायरे में आने वाली न्यूनतम जमीन | 5,000 वर्ग मीटर या ज्यादा |
| रियाद में कुल रजिस्टर्ड रॉ लैंड (कच्ची जमीन) | करीब 100 मिलियन वर्ग मीटर |
| 2026 की शुरुआत में जारी किए गए बिल (Invoices) | 60,000 से ज्यादा |
| रजिस्ट्रेशन न कराने पर जुर्माना | फीस का 100% तक |
सरकार ने यह भी साफ किया है कि जून 2026 तक रियाद में करीब 20 मिलियन वर्ग मीटर ऐसी जमीनें मिली हैं जिनके मालिकों ने तय समय सीमा तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था। अब इन जमीनों को जबरन रजिस्टर किया जा रहा है।
जमीन मालिकों की मदद के लिए ‘Itmam Developers Services Center’ बनाया गया है, जो लाइसेंस और जरूरी मंजूरी दिलाने में सीधी मदद करता है। इस पूरी प्रक्रिया से जो पैसा फीस के रूप में इकट्ठा होगा, उसे सरकार नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स बनाने में इस्तेमाल करेगी।