RSS प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे न्यूयॉर्क, मैडिसन स्क्वायर गार्डन में करेंगे भव्य सभा को संबोधित.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत अपनी तीन देशों की महत्वपूर्ण यात्रा के पहले चरण के तहत मंगलवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं। जॉन एफ. कैनेडी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। संघ प्रमुख की यह खास यात्रा आरएसएस के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क कार्यक्रम का एक बड़ा हिस्सा है, जिसके तहत वह दुनिया के कई देशों में जाकर भारतीय प्रवासियों से संवाद कर रहे हैं।
अहेड फोरम कर रहा है कार्यक्रम की मेजबानी
संघ प्रमुख डॉ. भागवत के इस पूरे दौरे की मेजबानी अहेड फोरम (अमेरिकन हिंदूज फार एंगेजमेंट एंड डायलाग फोरम) द्वारा की जा रही है। अहेड फोरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य संदेश बेहद शाश्वत और पूरी तरह से सार्वभौमिक है, जो यह बताता है कि पूरी दुनिया ही एक परिवार की तरह है। यह आयोजन सभी लोगों को बनावटी विभाजनों और आपसी मतभेदों से ऊपर उठने, मानवता को आपस में जोड़ने वाले मजबूत बंधनों को पहचानने तथा आपसी सम्मान, सामाजिक सद्भाव और एकता की भावना को अपने जीवन में अपनाने का स्पष्ट आह्वान करता है।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होगा मुख्य कार्यक्रम
अमेरिका के प्रमुख शहर न्यूयॉर्क में अपने प्रवास के दौरान सरसंघचालक विशेष तौर पर 'यूनिवर्सल वननेस' (सार्वभौमिक एकता) कार्यक्रम में पूरी तन्मयता के साथ हिस्सा लेंगे। इसके बाद शनिवार को शहर के मशहूर और ऐतिहासिक मैडिसन स्क्वायर गार्डन में लगभग 5000 लोगों की भारी-भरकम सभा को संबोधित करने का उनका पूरा कार्यक्रम तय किया गया है। अपनी इस विदेश यात्रा के दौरान संघ प्रमुख डॉ. भागवत मुख्य रूप से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की यात्रा पर हैं, जिसमें अमेरिका उनके इस लंबे प्रवास का सबसे पहला पड़ाव साबित हो रहा है।
साल 2018 में भी किया था अमेरिका का दौरा
इससे पहले डॉ. मोहन भागवत ने लगभग छह साल पहले सितंबर 2018 में अमेरिका का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने शिकागो शहर में 7 से 9 सितंबर तक आयोजित किए गए दूसरे वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस कार्यक्रम में विशेष रूप से हिस्सा लिया था। उस बड़े आयोजन में दुनिया भर के करीब 60 देशों से लगभग 2,500 प्रतिनिधि शामिल होने के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में संघ प्रमुख ने मुख्य भाषण देकर सभी को संबोधित किया था और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को दुनिया के सामने रखा था।
न्यूयॉर्क के मेयर का आया बयान
इस बीच, न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते हैं। हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी साफ किया कि उन्हें इस बात की पूरी जानकारी नहीं है कि शहर प्रशासन के पास किसी भी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का कानूनी अधिकार है या नहीं। इस पूरे घटनाक्रम और यात्रा की विस्तृत जानकारी हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से सामने आई है।