भारतीय रुपया सोमवार, 9 मार्च 2026 को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.528 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर (All-Time Low) पर पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे डॉलर की मांग तेजी से बढ़ी है। शुक्रवार के बंद भाव से रुपया 46 पैसे टूटकर 92.20 पर खुला था और शुरुआती कारोबार में ही 92.52 के पार चला गया। इस भारी गिरावट का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार और आम आदमी की जेब पर पड़ने की संभावना है।

रुपये में गिरावट और शेयर बाजार का हाल

कच्चे तेल की कीमतों में 25 से 28 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 116 से 118 डॉलर प्रति बैरल के बीच पहुंच गया है। तेल कंपनियों और आयातकों द्वारा ऊर्जा बिल चुकाने के लिए डॉलर की भारी मांग की जा रही है, जिससे रुपये पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

  • सेंसेक्स (Sensex) शुरुआती कारोबार में 1,800 अंक से अधिक गिर गया और निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा।
  • निफ्टी (Nifty) में भी लगभग 582 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई।
  • विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार से बड़ी मात्रा में पैसा निकाला है।
  • रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) स्थिति पर नजर बनाए हुए है और रुपये को संभालने के लिए सरकारी बैंकों के जरिए डॉलर बेच रहा है।

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा

भारत अपनी जरूरत का 80 से 90 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में डॉलर के मजबूत होने और कच्चे तेल की कीमतों में आग लगने से आयात का बिल काफी बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर देश में ईंधन की कीमतों और आम आदमी की जरूरत के सामानों पर पड़ेगा।

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, तेल की कीमतों में इस बढ़ोतरी से आने वाले वित्तीय वर्ष में महंगाई दर 4.3 प्रतिशत तक जा सकती है। इसके साथ ही सरकार पर ऊर्जा सब्सिडी का बोझ भी 300 से 500 अरब रुपये तक बढ़ सकता है। बाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता और सप्लाई चेन सामान्य नहीं होती, तब तक रुपये में अनिश्चितता बनी रहेगी और सुरक्षित निवेश के लिए लोग डॉलर की तरफ भागते रहेंगे।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com