रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और इजरायल पर ईरान के Bushehr Nuclear Power Plant के पास हमला करने का बड़ा आरोप लगाया है। रूस का कहना है कि यह हमला एक परमाणु तबाही शुरू करने की कोशिश थी। इस खतरे को देखते हुए रूस ने साइट से अपने विशेषज्ञों और कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है। रूस ने इस पूरी घटना को बेहद खतरनाक बताया है और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से इस पर ध्यान देने की अपील की है।

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रूसी कर्मचारियों की निकासी और मौजूदा हालात क्या हैं?

हमले के बाद रूस की कंपनी Rosatom ने सुरक्षा कारणों से अपने स्टाफ को हटाना शुरू किया है। इस निकासी से जुड़े कुछ मुख्य आंकड़े नीचे दिए गए हैं:

  • 25 मार्च 2026 को सुबह 163 रूसी कर्मचारियों को ईरान-अर्मेनिया बॉर्डर की तरफ भेजा गया।
  • निकासी का यह तीसरा चरण है, जिसमें अब तक कुल 407 लोग सुरक्षित निकाले जा चुके हैं।
  • फिलहाल Bushehr साइट पर करीब 300 रूसी कर्मचारी ही बचे हैं, जो सिर्फ जरूरी मशीनों की देखरेख कर रहे हैं।
  • रूस के विदेश मंत्रालय का कहना है कि उनके नागरिकों की जान खतरे में है, इसलिए यह कदम उठाना पड़ा।

इस हमले से जुड़े अहम तथ्य और रूस की मांग

रूस के मुताबिक, यह हमला 24 मार्च 2026 को बुशहर प्लांट की यूनिट नंबर 1 के पास हुआ था। हालांकि, ईरान की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, इस स्ट्राइक में प्लांट को कोई भौतिक नुकसान नहीं पहुंचा है। Rosatom के CEO Alexey Likhachev स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।

रूस ने IAEA और संयुक्त राष्ट्र (UN) से मांग की है कि वे इस मामले में तुरंत कार्रवाई करें। रूस का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल जानबूझकर ऐसी स्थिति पैदा कर रहे हैं जिससे बड़े स्तर पर परमाणु आपदा हो सकती है। रूस ने स्पष्ट किया है कि साझा रूसी-ईरानी साइट पर काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सबसे पहले है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com