रूस और चीन ने अपने रिश्तों को और मजबूत कर लिया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग की बीजिंग में हुई मुलाकात के बाद दोनों देशों ने ऊर्जा क्षेत्र में कई बड़े समझौते किए हैं। अब रूस अपनी गैस और तेल की सप्लाई के लिए चीन पर ज्यादा भरोसा करेगा ताकि उसे समुद्र के रास्तों और खाड़ी देशों की दिक्कतों से न जूझना पड़े।

रूस और चीन के बीच किन बड़े समझौतों पर मुहर लगी

20 मई 2026 को बीजिंग में हुए शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों ने अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और परिवहन समेत कुल 20 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रपति पुतिन और शी जिनपिंग ने एक संयुक्त बयान जारी किया जिसमें दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की बात कही गई। साथ ही, 2001 में साइन हुई दोस्ती की संधि को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी।

व्यापार के मामले में एक बड़ा बदलाव यह आया है कि अब रूस और चीन के बीच होने वाला लगभग सारा आयात-निर्यात काम रूबल्स और युआन में हो रहा है। इससे दोनों देशों को बाहरी दबाव और ग्लोबल मार्केट के उतार-चढ़ाव से बचने में मदद मिलेगी।

तेल और गैस की सप्लाई के लिए क्या है नया प्लान

रूस अब चीन को तेल और गैस भेजने के लिए लंबी पाइपलाइनों का इस्तेमाल बढ़ाएगा। इससे उसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और खाड़ी देशों के शिपिंग रास्तों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ‘पावर ऑफ साइबेरिया 1’ पाइपलाइन की क्षमता को बढ़ाकर 44 बिलियन क्यूबिक मीटर सालाना करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, ‘फार ईस्ट पाइपलाइन’ साल 2027 तक चालू हो जाएगी।

रूस और चीन के बीच हुए ऊर्जा समझौतों और सप्लाई का विवरण नीचे दी गई टेबल में है:

विवरण डेटा / जानकारी
कुल समझौते (20 मई 2026) 20 समझौते
तेल निर्यात में बढ़ोतरी (जनवरी-मार्च 2026) 35% सालाना वृद्धि
2025 में चीन को सप्लाई किया गया तेल 101 मिलियन टन
2025 में चीन को सप्लाई की गई गैस 49 बिलियन क्यूबिक मीटर
पावर ऑफ साइबेरिया 1 की नई क्षमता 44 bcm/y
फार ईस्ट पाइपलाइन की शुरुआत साल 2027
पावर ऑफ साइबेरिया 2 की क्षमता 50 bcm/y (प्रस्तावित)

हालांकि, ‘पावर ऑफ साइबेरिया 2’ पाइपलाइन के रास्ते पर सहमति बन गई है, लेकिन गैस की कीमत को लेकर अब भी बातचीत चल रही है। चीन कम कीमत की मांग कर रहा है, इसलिए अंतिम सप्लाई एग्रीमेंट अभी बाकी है।

परमाणु ऊर्जा और सुरक्षा पर क्या हुई चर्चा

ऊर्जा के अलावा, रूस की सरकारी परमाणु कंपनी Rosatom चीन के न्यूक्लियर प्लांट में नई यूनिट्स लगाने का काम पूरा कर रही है। राष्ट्रपति पुतिन ने इसे दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों की मुख्य ताकत बताया। साथ ही, दोनों नेताओं ने आर्कटिक क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा बढ़ाई जा रही सैन्य गतिविधियों पर चिंता जताई।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पावर ऑफ साइबेरिया 2 पाइपलाइन की क्या स्थिति है

इस पाइपलाइन के रूट पर सहमति बन चुकी है, लेकिन चीन गैस की कम कीमतों की मांग कर रहा है। इसलिए अंतिम सप्लाई एग्रीमेंट पर अभी बातचीत चल रही है।

रूस और चीन अब व्यापार के लिए किस करेंसी का इस्तेमाल कर रहे हैं

राष्ट्रपति पुतिन के अनुसार, अब रूस और चीन के बीच लगभग सभी निर्यात और आयात के लेनदेन रूबल्स और युआन में किए जा रहे हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.