Strait of Hormuz में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिका और बहरीन ने ईरान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में एक नया प्रस्ताव रखा है, लेकिन खबर है कि रूस और चीन इसे रोकने की तैयारी में हैं. अगर यह प्रस्ताव रुकता है, तो खाड़ी देशों और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका बुरा असर पड़ सकता है.

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क्या है यह नया प्रस्ताव और कौन दे रहा है साथ?

अमेरिका ने एक नया प्रस्ताव तैयार किया है जिसमें ईरान से मांग की गई है कि वह Strait of Hormuz में हमले करना और माइन बिछाना बंद करे. इस प्रस्ताव को बहरीन, सऊदी अरब, UAE, कुवैत और कतर ने भी अपना समर्थन दिया है. यह ड्राफ्ट UN चार्टर के चैप्टर VII के तहत लाया गया है, जिसका मतलब है कि इसे पास होने के बाद प्रतिबंधों से लेकर सैन्य कार्रवाई तक के कदम उठाए जा सकते हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने रूस और चीन से अपील की है कि वे इसे वीटो न करें, क्योंकि जलमार्ग बंद होने से पूरी दुनिया में आर्थिक अफरा-तफरी मच सकती है.

रूस और चीन क्यों कर रहे हैं विरोध?

रूस और चीन पहले भी ऐसा ही एक कदम उठा चुके हैं. 7 अप्रैल 2026 को इन दोनों देशों ने बहरीन और अमेरिका द्वारा लाए गए एक पिछले प्रस्ताव को वीटो कर दिया था. उस समय 15 में से 11 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया था, लेकिन रूस और चीन के विरोध के कारण वह फेल हो गया था. इन दोनों देशों का कहना है कि अमेरिका का नजरिया एकतरफा है और वह उन असली कारणों को नहीं देख रहा है जिनकी वजह से इस क्षेत्र में तनाव बढ़ा है. रूस के राजदूत Vassily Nebenzia ने कहा कि वे ऐसे किसी टेक्स्ट का समर्थन नहीं करेंगे जो अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए गलत मिसाल पेश करे.

ईरान और अन्य अधिकारियों का क्या कहना है?

ईरान के UN राजदूत Amir Saeid Iravani ने इस पूरे प्रस्ताव को राजनीतिक रूप से प्रेरित और गलत बताया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास समुद्री सुरक्षा का रक्षक बनने का कोई कानूनी या नैतिक अधिकार नहीं है. दूसरी तरफ, अमेरिकी राजदूत Mike Waltz ने कहा कि जो देश इस सरल प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं, वे दुनिया के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम कर रहे हैं और सवाल उठाया कि क्या वे वास्तव में शांति चाहते हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz को लेकर नया विवाद क्या है?

अमेरिका और बहरीन ने UN में प्रस्ताव रखा है कि ईरान इस जलमार्ग में हमले और माइन बिछाने का काम बंद करे, लेकिन रूस और चीन इसे वीटो कर सकते हैं.

रूस और चीन ने पहले कब वीटो किया था?

7 अप्रैल 2026 को रूस और चीन ने एक पिछले प्रस्ताव को वीटो किया था, जिसे 11 देशों का समर्थन प्राप्त था.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.