लेबनान में इसराइल द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों को लेकर अब रूस ने कड़ा रुख अपनाया है. रूस ने साफ कहा है कि लेबनान पर हो रही बमबारी को तुरंत रोका जाना चाहिए. रूस का मानना है कि इन हमलों की वजह से शांति की कोशिशें बेकार हो सकती हैं और पूरे मध्य पूर्व में हालात और बिगड़ सकते हैं.

ℹ: Qassim में खेती का बड़ा बदलाव, अब होगा बेरीज का उत्पादन, सऊदी अरब ने घटाया आयात पर निर्भरता

रूस ने इसराइल की बमबारी पर क्या कहा

रूस की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने इसराइल के हमलों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि ऐसे हमलावर कदम शांति समझौतों के रास्ते में बाधा बनते हैं. रूस का कहना है कि जिस समय अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू हुआ, उसी वक्त लेबनान पर हमले तेज हो गए. रूस अब संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 1701 को पूरी तरह लागू करने और बातचीत के जरिए मसला सुलझाने की मांग कर रहा है.

लेबनान में हमलों का कितना नुकसान हुआ

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और अन्य रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में भारी तबाही हुई है. हमलों में बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए हैं:

  • 8 अप्रैल को केवल 10 मिनट के हमलों में 200 से ज्यादा लोग मारे गए थे.
  • 9 और 10 अप्रैल के बीच कम से कम 17 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
  • बेरुत और दक्षिणी लेबनान के कई गांवों में भारी तबाही हुई है.
  • मार्च से अब तक मरने वालों की कुल संख्या 1,739 तक पहुंच गई है.

इस विवाद में कौन-कौन से देश शामिल हैं

इस पूरे मामले में कई बड़े देश और संगठन जुड़े हुए हैं. रूस और लेबनान शांति चाहते हैं, जबकि इसराइल हिज़्बुल्लाह के ठिकानों और कमांड सेंटर्स को निशाना बना रहा है. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ युद्धविराम पूरे क्षेत्र के लिए जरूरी है और इसका असर लेबनान में भी दिखना चाहिए.