रूस में कई महीनों से कैद 24 फिलीपींस के नागरिक आखिरकार अपने घर लौट आए हैं। राष्ट्रपति Ferdinand Marcos Jr. और रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin के बीच हुई एक खास मुलाकात के बाद रूस ने इन्हें वापस भेजने का फैसला किया। ये सभी लोग साइबेरिया के एक शहर में बिना किसी औपचारिक आरोप के बंद थे।
यह पूरा मामला तब सुलझा जब राष्ट्रपति Ferdinand Marcos Jr. जून 2026 में ASEAN-Russia समिट के लिए Kazan पहुंचे। वहां 18 जून को उन्होंने राष्ट्रपति Vladimir Putin के साथ एक मीटिंग की और इन नागरिकों की रिहाई का मुद्दा उठाया। राष्ट्रपति पुतिन इस बात से हैरान थे कि बिना किसी आरोप के इन लोगों को हिरासत में रखा गया था, जिसके बाद उन्होंने तुरंत इन्हें रिहा करने का आदेश दिया।
इन 24 नागरिकों की वापसी की जानकारी इस प्रकार है:
- 6 नागरिक शनिवार रात करीब 11:40 बजे मनीला पहुंचे।
- बाकी 18 नागरिक रविवार सुबह 4 बजे मनीला पहुंचे।
- इन सभी को दो अलग-अलग फ्लाइट्स के जरिए वापस लाया गया।
हिरासत की वजह और हालात
जानकारी के मुताबिक, ये सभी लोग साइबेरिया के Irkutsk शहर में करीब 9 महीने से बंद थे। इन्हें गलत तरीके से नौकरी दिलाने वाले एजेंटों के जरिए रूस भेजा गया था, जिससे इनके दस्तावेज़ पूरे नहीं थे और इमिग्रेशन की समस्या खड़ी हो गई। हालांकि रूस ने इन्हें वहां कानूनी तौर पर रहकर काम करने का मौका दिया था, लेकिन सभी ने अपने देश वापस लौटने का फैसला किया।
मनीला एयरपोर्ट पर फिलीपींस की विदेश मंत्री Ma. Theresa Lazaro और Migrant Workers विभाग के सचिव Hans Leo Cacdac ने इन लोगों का स्वागत किया। सचिव Cacdac ने बताया कि इन सभी को धोखेबाज रिक्रूटर्स ने फंसाया था।
सरकार की ओर से इन लौटने वाले मजदूरों के लिए खास मदद का ऐलान किया गया है। इसमें होटल में ठहरने की व्यवस्था, घर जाने के लिए मुफ्त ट्रांसपोर्ट, आर्थिक मदद और फिर से नौकरी या रोजगार शुरू करने के लिए सहायता शामिल है।
