जेनेवा में अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए रूस के दूत मिखाइल उल्यानोव (Mikhail Ulyanov) ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि युद्ध को समाप्त करने की वार्ताओं के संबंध में ईरान का आकलन अमेरिका के दावों की तुलना में वास्तविकता के अधिक करीब है। रूस के दूत ने संकेत दिया कि अमेरिका बातचीत में उतनी प्रगति दिखा रहा है जितनी असल में जमीनी स्तर पर हुई ही नहीं है।

रूस के दूत मिखाइल उल्यानोव ने अमेरिका के दावों पर क्यों उठाए सवाल?

रूस के दूत मिखाइल उल्यानोव ने 23 मई 2026 को कहा कि वाशिंगटन वार्ता में वास्तविक प्रगति से कहीं ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर चीजें पेश कर रहा है। उन्होंने अमेरिकी बयानों को कम जिम्मेदार करार दिया। इस समय अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत चल रही है। रूस का मानना है कि अमेरिका की तरफ से आ रहे बयान जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते हैं और ईरान इस मामले में ज्यादा वास्तविक तस्वीर पेश कर रहा है।

ईरान और अमेरिका के बीच क्या हैं मुख्य विवाद की वजह?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने साफ किया कि शांति वार्ताओं में अमेरिका के साथ गहरे और महत्वपूर्ण मतभेद अब भी बने हुए हैं। ईरान का कहना है कि यूरेनियम के स्टॉकपाइल को सौंपने की अमेरिकी मांगें इस समझौते को खतरे में डाल सकती हैं। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण को लेकर भी दोनों देशों के बीच विवाद बना हुआ है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी साफ कर दिया है कि बातचीत का मतलब आत्मसमर्पण करना बिल्कुल नहीं है और ईरान अपने अधिकारों की रक्षा करेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता कौन कर रहा है?

पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ताओं में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

दोनों देशों के बीच विवाद के मुख्य मुद्दे क्या हैं?

ईरान के यूरेनियम स्टॉकपाइल को सौंपने की मांग और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद बना हुआ है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.