रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए भारत एक अहम भूमिका निभा सकता है। लावरोव के मुताबिक भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कद और अनुभव इसे इस विवाद को सुलझाने के लिए सबसे सही देश बनाता है।

भारत ही क्यों बन सकता है अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ

रूस के विदेश मंत्री ने बताया कि भारत के पास बहुत बड़ा डिप्लोमैटिक अनुभव है। वर्तमान में भारत BRICS का अध्यक्ष है, इसलिए वह दुनिया के बड़े देशों को एक साथ ला सकता है। साथ ही भारत ऊर्जा का बड़ा उपभोक्ता है, इसलिए पश्चिम एशिया में शांति रहना भारत के अपने हित में भी है। लावरोव ने सुझाव दिया कि भारत ईरान और UAE को बातचीत के लिए बुला सकता है ताकि लड़ाई को रोका जा सके।

पाकिस्तान की कोशिश और भारत की भूमिका में क्या फर्क है

लावरोव ने यह बात साफ की कि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू कराने की कोशिश की है, लेकिन वह सिर्फ छोटे और तुरंत सुलझने वाले मुद्दों के लिए है। वहीं, भारत एक लंबी अवधि का समाधान निकाल सकता है जो क्षेत्र में स्थायी शांति ला सके। यह बयान BRICS के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद सामने आया है।

इस दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी UAE के दौरे पर थे। दुनिया भर में इस समय ईरान को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं, खासकर जब रूस और ईरान के तेल पर अमेरिकी प्रतिबंधों की समय सीमा खत्म होने वाली है। रूसी विदेश मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ देश ईरान और अरब देशों के बीच दुश्मनी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि रूस तनाव कम करने पर काम कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

रूसी विदेश मंत्री ने भारत के बारे में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि भारत के पास बेहतरीन डिप्लोमैटिक अनुभव और अंतरराष्ट्रीय सम्मान है, जिससे वह अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय तक चलने वाले विवाद को सुलझा सकता है।

पाकिस्तान की भूमिका को लेकर क्या बताया गया?

लावरोव ने कहा कि पाकिस्तान केवल तत्काल समस्याओं को सुलझाने में मदद कर सकता है, जबकि भारत पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए बड़ी और स्थायी भूमिका निभा सकता है।