ईरान के बुशेहर परमाणु संयंत्र में काम करने वाले रूसी इंजीनियरों का वापस लौटना अचानक रोक दिया गया है। ईरान में हुए नए हमलों और धमाकों के बाद रूस की परमाणु कंपनी Rosatom ने यह फैसला लिया। तेहरान पहुंचे इंजीनियरों को सुरक्षा कारणों से वहीं रोक दिया गया है।

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Rosatom के CEO Alexei Likhachev ने बताया कि छह कर्मचारियों का पहला ग्रुप जब ईरान लौट रहा था, तब उन्हें तेहरान में ही रोक लिया गया। यह फैसला 10 जुलाई 2026 को लिया गया। दरअसल, 9 जुलाई की शाम को ईरान के कई हिस्सों में सैन्य तनाव बढ़ा और कम से कम सात धमाके सुनने को मिले। इनमें बुशेहर शहर और पास के चोगाडक इलाके में भी विस्फोट हुए थे।

Likhachev ने साफ़ किया कि हालांकि बुशेहर प्रांत में हमले हुए, लेकिन प्लांट पर कोई सीधा हमला नहीं हुआ। अब आगे क्या करना है, इस पर फैसला लिया जाना बाकी है।

बता दें कि इससे पहले 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद रूस ने अपने 600 से ज़्यादा कर्मचारियों को वहां से निकाल लिया था। केवल 20 लोग ज़रूरी रखरखाव के लिए वहां छोड़े गए थे।

रूस के लोगों के हटने के बाद भी प्लांट का काम नहीं रुका। यूनिट 2 और 3 के निर्माण कार्य में करीब 2,200 ईरानी मज़दूर जुटे हुए हैं। मई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक यूनिट 2 का काम 60 प्रतिशत से ज़्यादा पूरा हो चुका है।

International Atomic Energy Agency (IAEA) के डायरेक्टर जनरल Rafael Grossi इस पूरी स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं और उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। दूसरी तरफ Rosatom ने कहा है कि बुशेहर प्लांट का विस्तार उनके लिए एक प्राथमिकता है और वे इस प्रोजेक्ट के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.