रूस की सुरक्षा एजेंसी ने एक बहुत बड़ा दावा किया है जिसने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। रूस के फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) के डायरेक्टर अलेक्जेंडर बोर्तनिकोव ने कहा है कि पश्चिमी देश ईरान के खिलाफ एक बड़ी साजिश रच रहे हैं। वे सीरिया के आतंकवादियों को ईरान के खिलाफ जंग में मोहरे की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश में जुटे हैं। इस बयान के बाद खाड़ी देशों और पूरी दुनिया में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
ईरान के खिलाफ आतंकवादियों का इस्तेमाल कैसे हो रहा है?
अलेक्जेंडर बोर्तनिकोव ने कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स (CIS) के सुरक्षा प्रमुखों की बैठक में यह गंभीर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियां सीरिया में मौजूद आतंकवादियों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही हैं। इन आतंकवादियों में वे लोग भी शामिल हैं जो पहले आईएसआईएस (ISIS) और अन्य खतरनाक संगठनों के लिए लड़ चुके हैं। पश्चिमी देश इन आतंकियों को एक छद्म सेना यानी प्रॉक्सी फोर्स की तरह ईरान के खिलाफ इस्तेमाल करने की योजना पर काम कर रहे हैं।
सुरक्षा प्रणालियों में बड़ी सेंधमारी और जैविक हथियारों का खतरा
रूसी सुरक्षा प्रमुख ने ईरान की राजधानी तेहरान की वीडियो निगरानी प्रणालियों को लेकर भी एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि इन कैमरों के भीतर पहले से तय किए गए कुछ ऐसे प्रोग्राम मौजूद हैं जिनका इस्तेमाल ईरान के बड़े अधिकारियों की हत्या करने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिमी टेक्नोलॉजी और तकनीकी प्लेटफार्मों पर जरूरत से ज्यादा निर्भर रहने की वजह से नाटो देशों के साइबर हमलों का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इसके अलावा नाटो एशिया-प्रशांत, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और सीआईएस देशों में जैविक हथियार विकसित करने का काम भी कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रूस ने पश्चिमी देशों और ईरान को लेकर क्या दावा किया है?
रूसी सुरक्षा एजेंसी के प्रमुख ने दावा किया है कि पश्चिमी देश सीरियाई आतंकियों और आईएसआईएस के पूर्व लड़ाकों को ईरान के खिलाफ छद्म युद्ध में इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं।
तेहरान के सुरक्षा कैमरों को लेकर क्या चेतावनी दी गई है?
तेहरान की निगरानी प्रणालियों में पश्चिमी सॉफ्टवेयर के जरिए कुछ ऐसे प्रोग्राम सेट किए गए हैं जो ईरानी अधिकारियों की हत्या की साजिश के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं।