रूस और ईरान के बीच रिश्तों को और मजबूत करने के लिए एक बड़ी हलचल शुरू हो गई है। किर्गिस्तान में दोनों देशों के रक्षा अधिकारियों ने खास मुलाकात की है। इस मीटिंग का मुख्य मकसद दुनिया के तनाव को कम करना और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाना है।

किर्गिस्तान में क्या हुई रूस और ईरान की बातचीत?

27 अप्रैल 2026 को किर्गिस्तान में रूस के रक्षा मंत्री Andrei Belousov और ईरान के डिप्टी रक्षा मंत्री Reza Talaei-Nik के बीच अहम चर्चा हुई। यह मीटिंग SCO (शंघाई सहयोग संगठन) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई। रूस के रक्षा मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि ईरान के साथ चल रहे विवादों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि मॉस्को और तेहरान एक-दूसरे का साथ देते रहेंगे।

पुतिन और ईरान के विदेश मंत्री के बीच क्या तय हुआ?

इसी दिन रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से मुलाकात की। पुतिन ने ईरान को अपना पूरा समर्थन दिया और कहा कि पश्चिम एशिया में शांति लाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी पक्षों के लिए बातचीत करना बहुत जरूरी है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री ने बताया कि रूस के साथ उनकी साझेदारी रणनीतिक है और इसे और मजबूत किया जाएगा।

दुनिया की नजरें और अन्य देशों का क्या कहना है?

इन मुलाकातों के बीच फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noel Barrot ने कहा कि मौजूदा संकट को खत्म करने के लिए ईरान को कुछ बड़े समझौते करने होंगे। इस दौरान भारत के रक्षा मंत्री Rajnath Singh भी किर्गिस्तान के बिश्केक में SCO की बैठक में शामिल होने वाले हैं। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है और रूस इसमें एक मददगार और मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.