रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से फोन पर बात की है। इस बातचीत में रूस ने युद्ध को तुरंत खत्म करने और कूटनीतिक तरीके से मामला सुलझाने पर जोर दिया। रूस ने साफ कहा है कि अमेरिका और इजरायल का ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करना किसी भी हाल में ठीक नहीं है। इस बातचीत से पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और शांति को लेकर एक बड़ा संदेश गया है।

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ईरान के परमाणु प्लांट और सुरक्षा पर रूस ने क्या कहा?

रूस के विदेश मंत्रालय के अनुसार, Lavrov ने Bushehr Nuclear Power Plant जैसे ठिकानों पर हमलों को खतरनाक बताया है। रूस का मानना है कि ऐसे हमलों से वहां काम कर रहे रूसी लोगों की जान को खतरा हो सकता है। इसके साथ ही पर्यावरण को भी बड़ा नुकसान पहुंचने की आशंका है। दोनों मंत्रियों ने वॉशिंगटन और तेल अवीव द्वारा कैस्पियन सागर के पास बढ़ते तनाव पर अपनी फिक्र जताई है।

रूस-ईरान बातचीत की मुख्य बातें और ट्रंप का जिक्र

इस बातचीत के दौरान कुछ खास बातें सामने आई हैं:

  • ईरान ने रूस द्वारा दी जा रही मानवीय और कूटनीतिक मदद के लिए धन्यवाद किया।
  • रूस ने कहा कि वह UN सुरक्षा परिषद के जरिए शांति लाने की पूरी कोशिश करेगा।
  • ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उन दावों को गलत बताया जिसमें उन्होंने बातचीत की बात कही थी।
  • ईरान का मानना है कि ट्रंप केवल तेल के दाम गिराने के लिए ऐसी बातें कर रहे हैं और असल में कोई बातचीत नहीं हो रही है।