यूरोपीय संघ (EU) की प्रमुख राजनयिक Kaja Kallas ने रूस पर एक गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि रूस ईरान को खुफिया जानकारी मुहैया करा रहा है ताकि अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे युद्ध में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया जा सके। पश्चिमी देशों की खुफिया रिपोर्टों में यह बात सामने आई है कि 28 फरवरी को तेहरान पर हुए हमले के बाद से रूस और ईरान के बीच सैन्य सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने का काम काफी बढ़ गया है।

क्या रूस और अमेरिका के बीच इस मामले पर कोई बातचीत हुई है?

पॉलिटिको की एक रिपोर्ट के अनुसार 19 मार्च 2026 को रूस ने अमेरिका के सामने एक गुप्त प्रस्ताव रखा था। रूस के दूत Kirill Dmitriev ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के खास प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। रूस ने पेशकश की थी कि अगर अमेरिका यूक्रेन को खुफिया मदद देना बंद कर दे तो रूस भी ईरान को जानकारी देना बंद कर देगा। हालांकि अमेरिका ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने पहले ही अपनी रिपोर्ट में बताया था कि मॉस्को ने ईरान को सैटेलाइट तस्वीरें और ड्रोन तकनीक दी है ताकि अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए जा सकें।

रूस और यूरोपीय संघ का इस विवाद पर क्या पक्ष है?

रूस ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और इन्हें झूठी रिपोर्ट करार दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने कहा है कि इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है। दूसरी तरफ यूरोपीय संघ शांति की बात कर रहा है और तनाव को कम करने की कोशिशों में जुटा है।

  • EU की प्रतिनिधि Kaja Kallas ने साफ किया है कि यह यूरोप का युद्ध नहीं है लेकिन इसमें यूरोप के हित सीधे जुड़े हैं।
  • यूरोपीय संघ अब तक इस प्रभावित क्षेत्र से 30,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाल चुका है।
  • यूरोपीय राजनयिक इस कोशिश में हैं कि सभी पक्षों को मेज पर लाया जाए ताकि युद्ध को रोका जा सके।
  • रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए वाशिंगटन से अपील की गई है ताकि वह ईरान को सैन्य सहयोग देना बंद करे।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.