ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi सोमवार को Saint Petersburg पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin से हुई। इस मीटिंग में मिडिल ईस्ट के तनाव को कम करने और दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों पर बात हुई। रूस ने इस मुश्किल घड़ी में ईरान का पूरा साथ देने का वादा किया है।

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पुतिन और अरगची की मुलाकात में क्या खास बातें हुईं?

  • रूस का समर्थन: राष्ट्रपति Vladimir Putin ने ईरान को अपना पूरा समर्थन दिया और उम्मीद जताई कि मिडिल ईस्ट में जल्द शांति आएगी।
  • शांति की कोशिश: रूस ने तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है, खासकर अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद।
  • यूरेनियम ऑफर: रूस ने तनाव कम करने के लिए ईरान के समृद्ध यूरेनियम को अपने पास स्टोर करने का प्रस्ताव भी दिया है।
  • खास संदेश: पुतिन ने ईरान के सर्वोच्च नेता से मिले संदेश के लिए शुक्रिया जताया और रणनीतिक रिश्तों को जारी रखने की बात कही।

अमेरिका पर अरगची ने क्या आरोप लगाए?

विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका की वजह से कूटनीति में देरी हो रही है। उन्होंने अमेरिका की मांगों को अनुचित बताया और कहा कि अमेरिका बार-बार अपने वादे तोड़ता है और धमकियां देता है। अरगची की यह यात्रा ओमान और पाकिस्तान के दौरों के बाद हुई है। उनकी फ्लाइट का कॉलसाइन “Minab 168” रखा गया था, जो 28 फरवरी को हुए हमले में मारे गए बच्चों की याद में था।

ईरान और रूस की साझेदारी कितनी गहरी है?

दोनों देशों के बीच पिछले साल 20 साल का रणनीतिक समझौता हुआ था। रूस फिलहाल ईरान के Bushehr पावर प्लांट में नई परमाणु इकाइयां बनाने में मदद कर रहा है। वहीं, ईरान ने रूस को यूक्रेन युद्ध के लिए Shahed ड्रोन दिए हैं। क्रेमलिन प्रवक्ता Dmitry Peskov ने इस दौरे को मौजूदा हालातों के हिसाब से बहुत जरूरी बताया। बैठक के दौरान संघर्ष विराम और बातचीत की ताजा स्थिति पर चर्चा हुई।