Russia-Iran Update: रूसी और ईरानी विदेश मंत्री के बीच फोन पर बात, Strait of Hormuz से रूसी जहाजों को मिलेगी बिना रुकावट एंट्री

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फोन पर लंबी बातचीत की। इस बातचीत का मुख्य मकसद ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष विराम को बचाना और युद्ध को पूरी तरह खत्म करना था। दोनों देशों ने समुद्री रास्तों और कूटनीतिक कोशिशों को लेकर अपनी बात रखी।

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बातचीत में किन बातों पर जोर दिया गया?

रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच जो संघर्ष विराम हुआ है, उसे हर हाल में बनाए रखना चाहिए। उन्होंने युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक रास्तों को अपनाने पर जोर दिया। रूस ने यह भी साफ किया कि वह इस संकट को सुलझाने और दोबारा सशस्त्र संघर्ष को रोकने में पूरी मदद करने के लिए तैयार है।

Strait of Hormuz और जहाजों का क्या मामला है?

ईरान ने रूस को भरोसा दिलाया है कि Strait of Hormuz (होरमुज जलडमरूमध्य) से रूसी जहाजों और माल की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। दूसरी तरफ, रूस ने अमेरिका की कड़ी आलोचना की। रूस का कहना है कि अमेरिका ने इस समुद्री रास्ते पर अवैध नौसैनिक नाकाबंदी की है और एक ईरानी कंटेनर जहाज को जब्त किया है।

शांति वार्ता और अन्य देशों की भूमिका क्या है?

8 अप्रैल को घोषित हुआ संघर्ष विराम 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है, लेकिन आपसी आरोपों की वजह से यह दबाव में है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भी तनाव कम करने की अपील की है। वहीं, अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान जाएगा, लेकिन ईरान ने अभी इसमें शामिल होने का कोई फैसला नहीं लिया है।

मुख्य बिंदु विवरण
बातचीत की तारीख 20 अप्रैल, 2026
प्रमुख व्यक्ति सर्गेई लावरोव (रूस), अब्बास अराघची (ईरान)
मुख्य मुद्दा ईरान-अमेरिका संघर्ष विराम और शांति प्रयास
ईरान का आश्वासन Strait of Hormuz से रूसी माल की बिना रुकावट आवाजाही
रूस का आरोप अमेरिका द्वारा अवैध नाकाबंदी और जहाज की जब्ती
संघर्ष विराम की अवधि 8 अप्रैल से 22 अप्रैल तक
मध्यस्थ देश पाकिस्तान
तनाव कम करने की अपील फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन