ईरान और रूस की दोस्ती अब एक नए मोड़ पर पहुँच गई है. रूस केवल हथियार ही नहीं दे रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान का मज़बूत राजनीतिक साथ दे रहा है. राष्ट्रपति पुतिन ने साफ़ कर दिया है कि अगर अमेरिका और इसराइल ने ईरान में ज़मीनी हमला किया, तो इसके नतीजे बहुत गंभीर होंगे.

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रूस का ईरान को हथियारों से ज़्यादा बड़ा सहारा क्यों मिला?

रूस के इंटरनेशनल अफेयर्स काउंसिल के डायरेक्टर जनरल Ivan Timofeev ने बताया कि ईरान के लिए रूस की राजनीतिक मदद और सैन्य तनाव को रोकने की कोशिशें, हथियारों की मदद से कहीं ज़्यादा असरदार रहीं. उन्होंने कहा कि इस विवाद का कोई सैन्य समाधान नहीं है और इसके लिए बातचीत ही एकमात्र रास्ता है.

  • रूस ने ईरान के खिलाफ लगाए गए उन आर्थिक प्रतिबंधों का विरोध किया है जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बाहर से लगाए गए हैं.
  • रूस और ईरान के बीच 17 जनवरी 2025 को एक रणनीतिक साझेदारी संधि पर हस्ताक्षर हुए थे, जो 2 अक्टूबर 2025 से लागू हो चुकी है.
  • रूस का मानना है कि अमेरिका और इसराइल ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाया है.

अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रूस पर क्या आरोप लगाए?

जहाँ रूस इसे राजनयिक मदद कह रहा है, वहीं अमेरिका और यूरोप के बड़े अधिकारियों ने अलग दावे किए हैं. 30 अप्रैल 2026 को अमेरिकी सेना के चीफ Gen. Dan Caine और सीनेटर Roger Wicker ने कहा कि रूस सक्रिय रूप से ईरान की युद्ध कोशिशों में मदद कर रहा है.

  • यूरोपीय संघ की टॉप डिप्लोमेट Kaja Kallas ने आरोप लगाया कि रूस ईरान को खुफिया जानकारी दे रहा है.
  • रूस पर ईरान को ड्रोन सप्लाई करने का भी आरोप है, जिनका इस्तेमाल पड़ोसी देशों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के लिए किया गया.

पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत में क्या निकला सामने?

29 अप्रैल 2026 को रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच फोन पर बातचीत हुई. रूस के विदेश नीति सलाहकार Yury Ushakov ने बताया कि पुतिन ने ईरान के लिए सीज़फायर (युद्धविराम) बढ़ाने के ट्रंप के फैसले का समर्थन किया है.

पुतिन का मानना है कि सीज़फायर से बातचीत और स्थिरता का मौका मिलेगा. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका और इसराइल ने दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू की, खासकर ईरान में ज़मीनी ऑपरेशन, तो यह बहुत खतरनाक होगा.

Frequently Asked Questions (FAQs)

रूस और ईरान के बीच कौन सा समझौता हुआ है?

रूस और ईरान के बीच 17 जनवरी 2025 को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि’ (Comprehensive Strategic Partnership Treaty) पर हस्ताक्षर हुए थे, जो 2 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हुई.

पुतिन ने अमेरिका और इसराइल को क्या चेतावनी दी है?

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि ईरान में किसी भी तरह का ज़मीनी सैन्य ऑपरेशन पूरी तरह अस्वीकार्य और खतरनाक है, जिसके बहुत गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.