रशिया और ईरान के बीच रिश्ते अब एक नए स्तर पर पहुंच गए हैं। रूसी राष्ट्रपति के आर्थिक सलाहकार एंटन कोब्याकोव ने दोनों देशों के संबंधों को एक जिम्मेदार साझेदारी बताया है। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता आपसी सम्मान और दुनिया की बड़ी चुनौतियों से मिलकर लड़ने के इरादे पर टिका है।
रशिया और ईरान के बीच क्या है खास समझौता?
रशिया और ईरान ने एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि (Comprehensive Strategic Partnership Treaty) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 2 अक्टूबर 2025 को आधिकारिक तौर पर लागू हुआ था। इससे पहले अप्रैल 2025 में रशिया की संसद यानी स्टेट ड्यूमा ने इस 20 साल के समझौते को अपनी मंजूरी दी थी। इस बड़े समझौते में सैन्य, राजनीतिक, व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को शामिल किया गया है।
ईरान की अंतरराष्ट्रीय भूमिका और भविष्य की योजनाएं
रूसी अधिकारी ने बताया कि BRICS और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे बड़े समूहों में ईरान की भूमिका बहुत अहम है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भी कहा है कि वे इस रणनीतिक संधि को लागू करने के लिए पूरी तरह गंभीर हैं और हर हफ्ते इसकी प्रगति की जांच करते हैं। दोनों देश अब अपनी सप्लाई चेन को मजबूत करने और व्यापारिक समझौतों को तेजी से पूरा करने पर काम कर रहे हैं। ईरान के राजदूत काज़ेम जलाली ने इस मामले में रशिया के समर्थन के लिए शुक्रिया जताया है।
सैन्य तकनीक और ड्रोन पर नया अपडेट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने जून 2025 से अपनी जमीनी सेना में 10,000 FPV ड्रोन तैनात किए हैं। वहीं, रशिया ने ईरान को 5,000 कम दूरी के फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन और सैटेलाइट गाइडेड ड्रोन देने के साथ-साथ ट्रेनिंग देने की पेशकश की है। इसके अलावा, कैस्पियन सागर के रास्ते सैन्य उपकरणों और संवेदनशील तकनीक की सप्लाई की जा रही है ताकि प्रतिबंधों के असर को कम किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रशिया और ईरान के बीच रणनीतिक संधि कब लागू हुई?
रशिया और ईरान के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि 2 अक्टूबर 2025 को आधिकारिक तौर पर लागू हुई थी।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य आपसी सम्मान और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ व्यापार, सैन्य सहयोग और वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना करना है।
