ईरान की खराब होती आर्थिक हालत और युद्ध जैसे हालातों के बीच अब रूस उसके लिए मददगार बन सकता है। रूस और ईरान के बीच रिश्तों को मजबूत करने के लिए कई बड़े समझौते हुए हैं। हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के विदेश मंत्री से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि रूस एक भरोसेमंद साथी है।
रूस और ईरान के बीच क्या है नया समझौता?
रूस और ईरान ने 17 जनवरी 2025 को एक ‘Comprehensive Strategic Partnership Agreement’ साइन किया था, जो 2 अक्टूबर 2025 से लागू हो गया। यह 47 पॉइंट्स का एक बड़ा समझौता है। इसमें रक्षा, ऊर्जा और क्षेत्रीय सहयोग जैसे जरूरी मुद्दों पर बात की गई है ताकि दोनों देश लंबे समय तक एक-दूसरे की मदद कर सकें।
हाल की मुलाकातों में क्या तय हुआ?
- पुतिन और अराकची की मीटिंग: 27 अप्रैल 2026 को मॉस्को में राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची से मुलाकात की। पुतिन ने ईरान को रूस एक भरोसेमंद साथी बताया।
- एनर्जी मिनिस्टर का बयान: 18 फरवरी 2026 को रूसी ऊर्जा मंत्री सर्गेई त्सिविल्योव ने कहा कि नए प्रोटोकॉल से आर्थिक रिश्तों में एक नया दौर शुरू होगा।
- रक्षा सहयोग: 27-28 अप्रैल 2026 को किर्गिस्तान में SCO समिट के दौरान रूसी रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव और ईरान के ब्रिगेडियर जनरल रज़ा तलई निक ने हर परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ देने का वादा किया।
ईरान रूस के करीब क्यों जा रहा है?
ईरान अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने और अमेरिका व इसराइल के साथ बढ़ते तनाव के बीच अपनी सुरक्षा पुख्ता करना चाहता है। रूस के साथ उसकी ये नजदीकियां रक्षा और आर्थिक मोर्चे पर उसे मजबूती देती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सहयोग फिलहाल जरूरत के हिसाब से है न कि कोई औपचारिक सैन्य गठबंधन।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रूस और ईरान के बीच रणनीतिक साझेदारी समझौता कब लागू हुआ?
यह समझौता 17 जनवरी 2025 को साइन किया गया था और आधिकारिक तौर पर 2 अक्टूबर 2025 से लागू हुआ।
रूस और ईरान के बीच किन मुख्य क्षेत्रों में सहयोग हो रहा है?
दोनों देश मुख्य रूप से रक्षा, ऊर्जा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं ताकि आर्थिक और रणनीतिक मजबूती मिल सके।