ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi रूस पहुंचे हैं जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति Vladimir Putin से हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मास्को और तेहरान के बीच की दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी अब और मज़बूत होगी। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम के बाद तनाव बना हुआ है।

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पुतिन और अरगची की मुलाकात में क्या बातें हुईं?

विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि उनका यह दौरा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए था। उन्होंने कहा कि रूस और ईरान के बीच गहरा रिश्ता है जिसे और आगे बढ़ाया जाएगा। राष्ट्रपति Vladimir Putin ने भरोसा दिलाया कि रूस मिडिल ईस्ट में शांति लाने के लिए हर संभव मदद करेगा। दोनों देशों ने मिलकर अपनी सुरक्षा और आपसी सहयोग को बढ़ाने पर बात की।

अमेरिका के साथ बातचीत और ईरान की नई शर्तें क्या हैं?

  • सीजफायर में देरी: अरगची ने कहा कि अमेरिका की ज़्यादा मांगों और गलत नीतियों की वजह से बातचीत में देरी हुई।
  • हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): ईरान ने अमेरिका को प्रस्ताव दिया है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाए।
  • बदले में मांग: ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका उनके बंदरगाहों से नाकाबंदी हटा ले, तो परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को आगे के लिए टाला जा सकता है।
  • अन्य दौरे: रूस आने से पहले अरगची ने पाकिस्तान और ओमान का दौरा भी किया था ताकि युद्ध विराम को लेकर बातचीत हो सके।

रूस और ईरान के बीच समझौते की खास बातें क्या हैं?

दोनों देशों ने 17 जनवरी 2025 को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि (Comprehensive Strategic Partnership Treaty) पर हस्ताक्षर किए थे, जो 2 अक्टूबर को लागू हुई। इस समझौते के तहत दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का साथ देंगे। साथ ही, यह तय हुआ है कि कोई भी देश किसी तीसरे पक्ष के साथ ऐसा समझौता नहीं करेगा जिससे दूसरे की संप्रभुता को खतरा हो। रूस ने पहले ही अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की निंदा की थी।