रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से खास बातचीत की है। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि लड़ाई दोबारा शुरू नहीं होनी चाहिए क्योंकि इस विवाद का कोई सैन्य समाधान नहीं है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता नाकाम हो गई और तनाव काफी बढ़ गया है।

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत क्यों रही नाकाम?

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में शांति वार्ता हुई थी, लेकिन यह बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि अमेरिका ने बातचीत के दौरान अपनी शर्तें बदलीं और बहुत ज़्यादा डिमांड रखीं। उनकी मानें तो समझौता होने ही वाला था, लेकिन वॉशिंगटन के रवैये की वजह से बात नहीं बनी और अब युद्ध का खतरा बढ़ गया है।

अमेरिका की कार्रवाई और ईरान की चेतावनी क्या है?

13 अप्रैल 2026 को अमेरिकी सेना ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ईरान के सभी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी है। इस कार्रवाई के बाद ईरान की Revolutionary Guard Corps ने सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने साफ़ कहा है कि अगर कोई भी सैन्य जहाज़ Strait of Hormuz के पास आया, तो इसे ceasefire का उल्लंघन माना जाएगा और उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा।

रूस ने इस संकट में क्या भूमिका निभाई?

रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने इस मुश्किल घड़ी में ईरान को भरोसा दिलाया है कि रूस संकट सुलझाने के लिए पूरी तरह तैयार है। रूसी विदेश मंत्रालय ने भी इन बातों की पुष्टि की है। Lavrov का मानना है कि इस समय युद्ध को रोकना सबसे ज़रूरी है ताकि हालात और ज़्यादा न बिगड़ें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.