रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने चीन की यात्रा के दौरान एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि Gulf Arab देश यह अच्छी तरह समझते हैं कि अगर अमेरिका हमला नहीं करता, तो ईरान Strait of Hormuz को बंद नहीं करता। इस तनाव के बीच रूस और चीन ने एक-दूसरे का साथ देने का वादा किया है ताकि दुनिया में स्थिरता बनी रहे।

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अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी क्यों की?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी का आदेश दिया था। अमेरिका का कहना है कि यह कदम ईरान पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया है। वहीं, अमेरिका के उपराष्ट्रपति Vance ने ईरान की इन हरकतों को पूरी दुनिया के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद बताया है। अमेरिका ने साफ किया है कि वह तब तक पीछे नहीं हटेगा जब तक ईरान समझौते का पालन नहीं करता।

रूस और चीन इस संकट पर क्या कह रहे हैं?

रूस और चीन दोनों ने मिलकर अमेरिका के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। चीन ने इस नाकेबंदी को एक खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना कदम बताया है। रूस ने चीन को भरोसा दिलाया है कि अगर Strait of Hormuz की वजह से तेल की कमी होगी, तो रूस उसकी भरपाई करेगा। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और अब एक नया प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं।

आम लोगों और Gulf देशों पर क्या पड़ेगा असर?

इस तनाव की वजह से दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। कुवैत जैसे देश जो तेल निर्यात के लिए पूरी तरह इस रास्ते पर निर्भर हैं, उनके लिए यह स्थिति चिंताजनक है। UAE के विदेश मंत्री और रूस के मंत्री ने बातचीत कर इस रास्ते को फिर से खोलने की कोशिश की है। वहीं, पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के नए दौर की तैयारी चल रही है।

तारीख मुख्य घटना
8 अप्रैल 2026 दो हफ्ते के लिए ceasefire (युद्धविराम) का ऐलान हुआ
13 अप्रैल 2026 अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू की
14 अप्रैल 2026 रूस और चीन के विदेश मंत्रियों की बीजिंग में बैठक हुई
15 अप्रैल 2026 रूस के विदेश मंत्री ने चीन में Gulf देशों का समर्थन किया
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.