रूस ने दक्षिण एशियाई देशों के लिए गैस की कीमतों में भारी कटौती की है। भारत और बांग्लादेश को अब LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) स्पॉट कीमतों से 40% कम दाम पर मिल सकती है। दुनिया भर में गैस की किल्लत और महंगे दामों के बीच यह भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।

रूस इतनी सस्ती गैस क्यों बेच रहा है?

रूस अपनी उन गैस सुविधाओं से LNG बेचना चाहता है जिन पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका के प्रतिबंधों की वजह से रूस को नए खरीदार ढूंढने पड़ रहे हैं। इसके अलावा यूक्रेन के हमलों और रूस के बजट घाटे की वजह से भी कीमतों में इतनी बड़ी कटौती की गई है। रूस चाहता है कि वह ऊर्जा की कमी से जूझ रहे देशों को आकर्षित करे।

इस डील की मुख्य बातें और चुनौतियां

विवरण जानकारी
छूट की मात्रा 40% कम दाम
प्रभावित देश भारत और बांग्लादेश
मुख्य कारण Strait of Hormuz का बंद होना
रूसी अधिकारी डेनिस मंतुरोव (Denis Manturov)
प्रतिबंधित प्रोजेक्ट Arctic LNG 2 और Portovaya
सप्लाई माध्यम बिचौलिया कंपनियां और शैडो फ्लीट
ताजा स्थिति मार्च 2026 में रूसी तेल आयात 90% बढ़ा

कुछ बिचौलिया कंपनियां गैस की असल जगह छुपाकर उसे ओमान या नाइजीरिया का बताकर बेचने की कोशिश कर रही हैं। पश्चिम एशिया में युद्ध और Strait of Hormuz के बंद होने से दुनिया में गैस की भारी कमी हुई है। वहीं कतर के बड़े गैस प्लांट पर हमलों ने ग्लोबल सप्लाई को और कम कर दिया है।

भारत और रूस के बीच क्या बातचीत हुई?

2 और 3 अप्रैल 2026 को रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री Denis Manturov भारत आए थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एस जयशंकर सहित कई बड़े नेताओं से मुलाकात की। इस मीटिंग में तेल और LNG की सप्लाई बढ़ाने पर चर्चा हुई ताकि संकट के समय भारत की ऊर्जा जरूरतें पूरी हो सकें। भारत ने हाल ही में अमेरिकी छूट के बाद ईरान से भी तेल खरीदा है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com