रूस ने ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए अपनी मदद की पेशकश की है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात करते हुए कहा कि नई लड़ाई को रोकना बहुत जरूरी है। मॉस्को ने साफ कर दिया है कि वह इस विवाद को सुलझाने और शांति लाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

रूस ने शांति के लिए क्या कहा?

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि युद्ध को दोबारा शुरू होने से रोकना होगा। इससे पहले 12 अप्रैल को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से फोन पर बात की थी। पुतिन ने कहा था कि रूस मध्य पूर्व में शांति लाने और कूटनीतिक समाधान निकालने में मदद करेगा ताकि क्षेत्र में एक स्थायी शांति आ सके।

ईरान की मुख्य मांगें क्या हैं?

ईरान ने युद्धविराम के लिए कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं, जिन्हें उनके दूत काज़ेम जलाली ने 2 अप्रैल को दुनिया के सामने रखा था। ईरान की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • सभी तरह के हमलों और आतंकवादी हमलों को पूरी तरह बंद करना।
  • भविष्य में दोबारा हमला न होने की विश्वसनीय गारंटी देना।
  • सामान और मानसिक नुकसान के लिए पूरा मुआवजा देना।
  • हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए ईरान के कानूनी अधिकार का सम्मान करना।

पिछले कुछ दिनों में क्या-क्या हुआ?

रूस और ईरान के बीच इस मुद्दे पर कई बार बातचीत हुई है और रूस ने लगातार अमेरिका से बातचीत के रास्ते खोलने को कहा है। पिछले कुछ दिनों की घटनाओं का ब्यौरा नीचे दिया गया है:

तारीख मुख्य घटना
28 फरवरी 2026 रूस ने अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर शांतिपूर्ण समाधान की पेशकश की
2 अप्रैल 2026 ईरान ने युद्धविराम के लिए 4 मुख्य शर्तें रखीं
5 अप्रैल 2026 रूस ने अमेरिका से अल्टीमेटम की भाषा छोड़ने और बातचीत करने को कहा
9 अप्रैल 2026 लावरोव ने दो हफ्ते के युद्धविराम का स्वागत किया
12 अप्रैल 2026 पुतिन और पेज़ेशकियन के बीच शांति प्रयासों पर चर्चा हुई
13 अप्रैल 2026 लावरोव ने नई लड़ाई रोकने को बेहद जरूरी बताया