Russia Su-57 Offer: भारत को रूस का बड़ा ऑफर, 100 स्टील्थ फाइटर विमान भारत में बनेंगे, चीन के J-20 का होगा मुकाबला

रूस ने भारत को एक बहुत बड़ा ऑफर दिया है जिसके तहत भारत में 100 Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट बनाने की बात कही गई है। यह डील ऐसे समय में आई है जब भारतीय वायुसेना में विमानों की कमी है और चीन के J-20 विमान से खतरा बढ़ रहा है। रूस ने इस बार तकनीक शेयर करने और भारत को पूरा कंट्रोल देने का वादा किया है ताकि पुराने प्रोजेक्ट्स की गलतियां न दोहराई जाएं।

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रूस ने भारत को क्या खास ऑफर दिया है?

रूस ने प्रस्ताव दिया है कि कम से कम 100 Su-57 विमान भारत में ही बनाए जाएं। इसके लिए रूस ने तकनीक शेयर करने और सोर्स कोड देने की बात कही है ताकि भारत अपनी जरूरत के हिसाब से विमानों में बदलाव कर सके। इसके अलावा, रूस ने एक खास दो सीटों वाला विमान बनाने का भी ऑफर दिया है जो ड्रोन के झुंड को कंट्रोल कर सकेगा।

अगर बातचीत 2026 के अंत तक पूरी हो जाती है, तो रूस पहले 36 से 40 विमान 2027-28 तक भारत पहुंचा सकता है। HAL के नासिक प्लांट का जायजा लेने के बाद यह पता चला है कि वहां की आधी मशीनें और इंफ्रास्ट्रक्चर इन विमानों को बनाने के काम आ सकते हैं।

भारत के लिए ये विमान क्यों जरूरी हैं?

भारतीय वायुसेना इस समय विमानों की भारी कमी से जूझ रही है। नियम के हिसाब से 42 स्क्वाड्रन होने चाहिए लेकिन अभी करीब 30 ही हैं। सितंबर 2025 तक जब पुराने MiG-21 हटे जाएंगे तो यह संख्या और घटकर 29 रह जाएगी। ऐसे में रूस के ये विमान इस कमी को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।

दूसरा बड़ा कारण चीन की बढ़ती ताकत है। चीन के पास J-20 जैसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट हैं। उनसे मुकाबला करने के लिए भारत को भी ऐसे विमान चाहिए जो रडार की पकड़ में न आएं। हालांकि भारत अपना खुद का AMCA विमान भी बना रहा है लेकिन वह 2035 तक आएगा, इसलिए तब तक के लिए रूस का ऑफर एक बीच का रास्ता हो सकता है।

डील की मुख्य बातें और तकनीकी जानकारी

विवरण जानकारी
कुल विमानों का प्रस्ताव 100 (भारत में निर्मित)
तुरंत आपूर्ति (Interim) 36 से 40 विमान
उत्पादन केंद्र HAL नासिक प्लांट
तकनीकी लाभ सोर्स कोड और फुल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर
संभावित डिलीवरी 2027-28 (अगर डील फाइनल हुई)
इंजन विकल्प AL-41F1 और भविष्य में AL-51F